केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज राज्यसभा में एक प्रश्न का उत्तर देते हुए बताया कि भारत सरकार ने पूर्वोत्तर के राज्यों और हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले में मौसम संबंधी पूर्वानुमान और निगरानी क्षमताएं बढ़ाने के लिए 10 एक्स-बैंड डॉपलर मौसम रडारों (डीडब्ल्यूआर) की खरीद और इंस्टॉलेशन शुरू कर दिए हैं।
डॉ. जितेंद्र सिंह ने बताया कि असम में गुवाहाटी, धुबरी, जोरहाट, तेजपुर और सिलचर; मिजोरम में आइजोल; नागालैंड में दीमापुर; मणिपुर में इंफाल; और अरुणाचल प्रदेश में मंडला टॉप और नामसाई सहित पूर्वोत्तर राज्यों में प्रमुख स्थानों पर ये रडार लगाए जाने की तैयारी है। उन्होंने कहा कि “इन रडारों से क्षेत्र की मौसम संबंधी घटनाओं की निगरानी और प्रतिक्रिया देने की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होने की उम्मीद है।”
पृथ्वी विज्ञान मंत्री ने बताया कि पूर्वोत्तर में इंस्टॉलेशन के अलावा सरकार ने हिमाचल प्रदेश के लाहौल और स्पीति जिले के लिए एक एक्स-बैंड डीडब्ल्यूआर की खरीद प्रक्रिया को सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है।
उन्होंने भरोसा जताया कि हिमालयी क्षेत्र जो कि औचक और गंभीर मौसम परिवर्तनों के चलते संवेदनशील है, वहां मौसम संबंधी पूर्वानुमानों को बढ़ाने में ये रडार महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। ये आपदा तैयारियों में सुधार और इन क्षेत्रों के नागरिकों को सटीक मौसम की जानकारी प्रदान करने को लेकर सरकार की प्रतिबद्धता दिखलाता है।
इन रडारों की तैनाती देश के मौसम संबंधी बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की भारत सरकार की एक व्यापक पहल का हिस्सा है। ज्यादा सटीक और समयबद्ध मौसमी भविष्यवाणी करने में सक्षम होने से ये रडार बेहतर आपदा प्रबंधन में योगदान देंगे, संभावित रूप से लोगों की जानें बचाएंगे और चरम मौसम की घटनाओं के दौरान संपत्तियों के नुकसान को कम करेंगे।
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