समुद्री सुरक्षा सहयोग पर बिम्सटेक विशेषज्ञ समूह की चौथी बैठक का आयोजन नई दिल्ली में 24-25 नवंबर 2025 को राष्ट्रीय समुद्री सुरक्षा समन्वयक, वाइस एडमिरल बिस्वजीत दासगुप्ता (सेवानिवृत्त) की अध्यक्षता में किया गया जिसकी मेजबानी राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय ने की। इसमें सभी बिम्सटेक सदस्य देशों के प्रतिनिधियों, कानून प्रवर्तन एजेंसियों, नीति निर्माताओं और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों ने हिस्सा लिया।
यह कार्यक्रम समुद्री सुरक्षा क्षेत्र में पांच मुख्य क्षेत्रों के अंतर्गत पहचान किए गए कार्य-निष्पादन योग्य लक्ष्यों पर परिणामोन्मुखी चर्चाओं के एक अन्य दौर की सफल समाप्ति को दर्शाता है। इसमें विचार-विमर्श एचएडीआर पहलुओं सहित विभिन्न समुद्री सुरक्षा संबंधी मुद्दों पर दिशा-निर्देशों को अपनाने पर केंद्रित रहा। इसमें शामिल हुए प्रतिनिधियों ने उत्साहपूर्वक अपने-अपने विचारों को व्यक्त किया और मार्गदर्शक दस्तावेजों की विषय-वस्तु से संबंधित व्यावसायिक सिफारिशें प्रदान कीं, जिससे बंगाल की खाड़ी क्षेत्र में समुद्री सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए सहयोगात्मक दृष्टिकोण की बढ़ती समझ एवं जागरूकता उजागर हुई।
बिम्सटेक सदस्य देशों ने कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर संपर्क को बढ़ावा देने, निकट भविष्य में समुद्री अभ्यास आयोजित करने, सूचना साझा करने, समुद्री खतरों से निपटने के लिए सामूहिक प्रतिक्रिया तंत्र को बढ़ावा देने, सहकारी एवं सहयोगात्मक उपायों के माध्यम से क्षमता बढ़ाने एवं क्षमता निर्माण के लिए कार्य योजना पर विचार-विमर्श किया।
बिम्सटेक विशेषज्ञ समूह की समुद्री सुरक्षा पर आयोजित चौथी बैठक के सफल आयोजन ने एक बार फिर से बंगाल की खाड़ी के समुद्री क्षेत्र को एक साझा बाध्यकारी कारक के रूप में मान्यता प्रादन की है तथा इस क्षेत्र में सामूहिक समुद्री सुरक्षा प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ है।
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