व्हाइट हाउस ने स्पष्ट किया है कि अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रम्प द्वारा नए वैश्विक टैरिफ की घोषणा के बाद भारत को अस्थायी रूप से 10 प्रतिशत टैरिफ का सामना करना पड़ेगा।
धारा 122 के अन्तर्गत घोषित 10 प्रतिशत का यह नया टैरिफ कोई अतिरिक्त टैरिफ नहीं है, बल्कि यह पहले के अंतर्राष्ट्रीय आपातकालीन आर्थिक शक्ति अधिनियम पर आधारित शुल्कों का स्थान लेगा, जिन्हें सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया था।
वर्तमान समायोजन, अमरीकी अदालत द्वारा लगाए गए कानूनी प्रतिबंधों और वैकल्पिक वैधानिक तंत्रों के माध्यम से कार्रवाई जारी रखने के प्रशासन के घोषित इरादे दर्शाता है।
इसी बीच, विदेश मंत्रालय ने कहा है कि भारत और अमरीका हाल ही में अपनाए गए संयुक्त वक्तव्य के अनुसार पारस्परिक रूप से लाभकारी व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए काम कर रहे हैं।
नई दिल्ली में मीडिया को संबोधित करते हुए मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि मुख्य वार्ताकार के नेतृत्व में भारत का एक प्रतिनिधिमंडल अगले सप्ताह अमरीका का दौरा करेगा।
केंद्रीय मंत्री श्री राम मोहन नायडू के नेतृत्व में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने डीजीसीए द्वारा अनुमोदित…
भारत सरकार के इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के सचिव एस. कृष्णन ने दो सिलिकॉन…
भारत के औषधि क्षेत्र में नवाचार और व्यावहारिक अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए उद्योग-अकादमिक…
शहरी गतिशीलता को सुदृढ़ करने और चालकों की आजीविका में सुधार की दिशा में एक…
भारत और अमरीका ने 7 फरवरी, 2026 को एक संयुक्त वक्तव्य जारी कर आपसी और…
भारतीय वायु सेना ने मेहर बाबा प्रतियोगिता-3 के तीसरे संस्करण के लिए पंजीकरण आरंभ कर…