सरकार ने अगस्त, 2014 में प्रधानमंत्री जन धन योजना (PMJDY) के नाम से राष्ट्रीय वित्तीय समावेशन मिशन की शुरुआत की थी। इसका उद्देश्य बैंकिंग सुविधाओं से वंचित हर परिवार को बैंकिंग सुविधा प्रदान करना, असुरक्षित लोगों को सुरक्षा देना, वित्तपोषण से वंचितों को वित्तपोषित करना तथा वंचित और कम सेवा वाले क्षेत्रों में सेवाएं प्रदान करना है। यह जानकारी आज लोकसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने दी।
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि 14.08.2018 से PMJDY का उद्देश्य बैंकिंग सेवाओं से वंचित सभी वयस्कों को इसके दायरे में लाना रहा है।
मंत्री ने आगे कहा कि PMJDY देश भर में वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से बैंकिंग पहुंच बढ़ाने में सफल रही है। PMJDY के तहत 19.07.2024 तक 2,30,792 करोड़ रुपये की जमा राशि के साथ कुल 52.81 करोड़ जन-धन खाते खोले गए हैं। पीएमजेडीवाई के तहत इनमें से 29.37 करोड़ (55.6%) जन-धन खाते महिलाओं के हैं और लगभग 35.15 करोड़ (66.6%) खाते ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं।
अधिक जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि सरकार ने विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाएं शुरू की हैं। 19.07.2024 तक इनका कवरेज इस प्रकार है: –
इसके अलावा, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि, “वित्तपोषण से वंचित लोगों को वित्तपोषित करने” के उद्देश्य से और उद्यमशीलता को बढ़ावा देने के लिए, सरकार ने विभिन्न ऋण संबंधित योजनाएं शुरू की हैं, जिनकी प्रगति इस प्रकार है: –
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि बैंकों और अन्य संबंधित हितधारकों के साथ इन योजनाओं के कार्यान्वयन और इनकी प्रभावशीलता की निगरानी के लिए एक आवधिक समीक्षा तंत्र मौजूद है।
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