अमरीका और ईरान के बीच एक सौ सात दिन से जारी युद्ध समाप्त करने पर समझौता हो गया
अमरीका और ईरान के बीच एक सौ सात दिन से जारी युद्ध समाप्त करने पर समझौता हो गया है। इसके साथ ही होर्मुज जलडमरूमध्य शुक्रवार से खुल जाएगा और ईरान के बंदरगाहों से अमरीकी नाकेबंदी समाप्त हो जाएगी। अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कल रात टूथ्र सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर समझौता हो जाने की घोषणा की। शांति समझौते पर 19 जून को स्विट्जरलैंड में हस्ताक्षर होंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व की कुल तेल आपूर्ति के पांचवें हिस्से का परिवहन होता है। इस ऐतिहासित समझौते से पूरे क्षेत्र में शांति और सुरक्षा बहाल होगी। समझौते के अनुसार अमरीका और ईरान को ईरान के परमाणु संवर्द्धन और संबंधित यूरेनियम के 60 दिन के अंदर निस्तारण पर बातचीत करनी है। ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद ने कहा कि युद्ध और लेबनान सहित सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई आज से स्थायी रूप से बंद हो जाएगी।
इस बडी खबर के बाद तेल के दाम नीचे गिर गए। ब्रेंट क्रूड ऑयल में आज शुरूआती कारोबार में चार प्रतिशत और अमरीकी वेस्ट टेक्सास इटरमीडिएट ऑयल में चार दशमलव छह प्रतिशत से अधिक की गिरावट आई।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव अंतोनियो गुतरश ने इस समझौते का स्वागत किया है। महासचिव के प्रवक्ता स्टीफन दुजारिक ने कहा कि यह समझौता संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
भारत ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष समाप्त करने के लिए अमरीका और ईरान के बीच हुए समझौते का स्वागत किया है। इस संघर्ष से विश्व भर में गंभीर आर्थिक संकट उत्पन्न हो गया था। सोशल मीडिया पोस्ट में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत को उम्मीद है कि इस समझौते के कार्यान्वयन से क्षेत्र में शांति और स्थिरता बहाल होगी तथा नौवहन और व्यापार की स्वतंत्रता सुनिश्चित होगी। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत शेष मुद्दों पर विचार-विमर्श के माध्यम से एक स्थायी और अंतिम समझौते तक पहुंचने के लिए तत्पर है।





