विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिवेश के बीच भारत-दक्षिण कोरिया संबंधों को और मजबूत करने की आवश्यकता पर बल दिया है। उन्होंने कहा कि समान मूल्यों और आपसी विश्वास वाले देशों को और अधिक निकटता से मिलकर काम करना चाहिए। सियोल में दक्षिण कोरिया के विदेश मंत्री चो ह्यून के साथ बैठक के दौरान उन्होंने यह बात कही। विदेश मंत्री ने कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिदृश्य में विश्वसनीय साझेदारों के बीच सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि उन्होंने दोनों देशों के बीच राजनीतिक, पोत निर्माण, व्यापार, निवेश, रक्षा, प्रौद्योगिकी, स्वच्छ ऊर्जा, संस्कृति और आपसी संबंधों के क्षेत्र में सहयोग की समीक्षा की। इस दौरान स्टार्टअप, फिनटेक और बहुपक्षीय मंचों पर अवसरों के बारे में भी चर्चा की गई। उन्होंने दोनों देशों के संबंधित क्षेत्रों और विश्व स्तर पर विकास से जुडे पहलुओं पर भी विचार-विमर्श किया। डॉ जयशंकर ने कहा कि भारत आपसी संबंधों को आगे बढ़ाने के लिए दक्षिण कोरिया की प्रतिबद्धता का सम्मान करता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच सहयोग को और सुदृढ करने के उद्देश्य से सार्थक चर्चाओं की प्रतीक्षा है।





