insamachar

आज की ताजा खबर

Union Health Minister reviewed the progress of AIIMS at Bibinagar, Hyderabad
भारत

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने हैदराबाद के बिबीनगर स्थित एम्स की प्रगति की समीक्षा की

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने आज हैदराबाद के बिबीनगर में अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान – एम्स की प्रगति की समीक्षा की। बिबीनगर एम्स प्रधानमंत्री स्वास्थ्य सुरक्षा योजना – पीएमएसएसवाई के सातवें चरण के तहत वर्ष 2019 में स्थापित किया गया थी। परियोजना जून 2022 में 1,110.55 करोड़ रुपये की लागत से शुरू हुई थी।

जेपी नड्डा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में स्वास्थ्य क्षेत्र में ढांचागत अवसंरचना और क्षमता विस्तार में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। उन्होंने कहा कि 20वीं शताब्दी के अंत तक देश में केवल एक एम्स था, जबकि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल में छह अतिरिक्त एम्स स्थापित किए गए। तब से लेकर अब तक 16 नए एम्स स्थापित हुए हैं, जिससे देश भर में इनकी कुल संख्या 23 हो गई है। इनमें से 18 एम्स पहले से ही संचालित हैं, जबकि शेष निर्माण के विभिन्न चरणों में हैं।

जेपी नड्डा ने कहा कि सरकार ने तृतीयक स्वास्थ्य संस्थानों (उन्नत स्वास्थ्य संस्थान) को मजबूत बनाते हुए द्वितीयक और प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार और सुदृढ़ीकरण कर समान और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा ढांचा विकसित किया है। उन्होंने कहा कि देश में अब 1.85 लाख आयुष्मान आरोग्य मंदिर हैं, जहां लगभग 1.5 अरब लोगों को स्वास्थ्य सेवाएं मिल रही हैं। जेपी नड्डा ने बताया कि मेडिकल कॉलेजों की संख्या भी वर्ष 2014 में 387 से बढ़कर अब 820 हो गई है।

इस अवसर पर बिबीनगर एम्स के विभिन्न पहलुओं पर एक विस्तृत प्रस्तुति दी गई, जिसमें ढांचागत विकास, चिकित्सा शिक्षा, रोगी देखभाल, अनुसंधान गतिविधियां और संस्थान के समक्ष चुनौतियां प्रदर्शित की गईं।

एम्स बिबीनगर में अभी 132 संकाय सदस्य और 133 वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टर हैं। संस्थान की स्थापना के तुरंत बाद एमबीबीएस पाठ्यक्रम आरंभ हुआ और दो बैच सफलतापूर्वक उत्तीर्ण हो चुके हैं। इस संस्थान में स्नातकोत्तर कार्यक्रम 24 एमडी विषयों और पांच डीएम (हृदय रोग, मस्तिष्क रोग, किडनी रोग इत्यादि गैर-सर्जिकल और नैदानिक क्षेत्रों में सर्वोच्च डिग्री)/एमसीएच (सर्जरी में सर्वोच्च सुपर-स्पेशियलिटी डिग्री) विशिष्टताओं में संचालित किए जा रहे हैं। 60 सीटों की क्षमता वाला बी.एससी. नर्सिंग कोर्स 2024 में शुरू हुआ, जबकि एम.एससी. नर्सिंग कोर्स पांच विशिष्टता वाले क्षेत्रों में उपलब्ध है। संस्थान में संबद्ध स्वास्थ्य पाठ्यक्रम भी संचालित किए जा रहे हैं। एम्स बिबीनगर में अभी 902 मेडिकल छात्र अध्ययनरत हैं, जबकि एमबीबीएस छात्रों का एक नया बैच जल्द ही शामिल होने वाला है।

संस्थान सभी प्रमुख विशेषज्ञता क्षेत्रों में बाह्य रोगी सेवाएं प्रदान कर रहा है और वहां प्रतिदिन लगभग 1,800 मरीजों का इलाज हो रहा है। इसमें भर्ती किए जाने वाले रोगियों के लिए 250 बिस्तर हैं और वहां आपातकालीन सेवाएं हाल ही में शुरू की गई हैं। कंप्यूटेड टोमोग्राफी – सीटी, शरीर के अंदरूनी अंगों, हड्डियों, मांसपेशियों और ऊतकों की मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग – एमआरआई और हड्डियों के खनिज घनत्व मापने संबंधी ड्यूल-एनर्जी एक्स-रे एब्जॉर्प्टियोमेट्री – डेक्सा सहित अधिकांश जांच प्रयोगशालाएं और रेडियोलॉजिकल निदान सुविधाएं उपलब्ध हैं। यह संस्थान तेलंगाना के सभी 33 जिलों में ई-संजीवनी माध्यम से टेलीकंसल्टेशन सेवाएं भी प्रदान कर रहा है और ‘प्रधानमंत्री जन आरोग्य-आरोग्यश्री योजना के तहत स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करता है। इसमें लगभग 90 प्रतिशत रोगी आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत पंजीकृत हैं।

एम्स बिबीनगर ने अनुसंधान के क्षेत्र में, 129 परियोजनाओं के लिए 64 करोड़ रुपये के अनुसंधान अनुदान प्राप्त किए हैं और 1,156 शोध प्रकाशित किए हैं। संस्थान कार्बन-युक्त कृत्रिम पैर के अंग के निर्माण में रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन की रक्षा अनुसंधान एवं विकास प्रयोगशाला के साथ सहयोग भी कर रहा है।

जेपी नड्डा ने एम्स बिबीनगर की सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा पहल की सराहना करते हुए बताया कि संस्थान ने छह गांवों का अभिग्रहण कर उनकी स्वास्थ्य सेवा की जिम्मेदारी ली है और 547 चलित स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए हैं। स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि संस्थान ग्रामीण स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र और शहरी स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र द्वारा निकटवर्ती समुदायों को भी स्वास्थ्य सेवा प्रदान कर रहा है। इससे अब तक 66,148 मरीज को स्वास्थ्य इलाज मिला है। संस्थान ने लगभग 10 किलोमीटर के दायरे वाला एक सामुदायिक रेडियो स्टेशन भी आरंभ किया है और इससे 43 शैक्षिक कार्यक्रम प्रसारित किए हैं।

जेपी नड्डा ने निर्माण कार्य की प्रगति की समीक्षा की, जिसमें बताया गया कि लगभग 902 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे निर्माण कार्य का लगभग 87.4 प्रतिशत पूरा हो गया है। अस्पताल के सी और एफ ब्लॉक, आयुष भवन, अमृत निवास, शैक्षणिक ब्लॉक और स्नातक तथा स्नातकोत्तर छात्रावास भवनों का निर्माण कार्य पूरा कर लिया गया है। पुराने भवनों का जीर्णोद्धार कार्य भी चल रहा है। रेडियोथेरेपी और ऑपरेशन थिएटर कॉम्पलेक्स के भी जल्द पूरा होने की संभावना है।

जेपी जेपी नड्डा ने समीक्षा के दौरान, परिसर में गैर-नवीकरणीय ऊर्जा के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा अवसंरचना का विकास समय लेने वाली प्रक्रिया है और इसके लिए धैर्य की आवश्यकता होती है। उन्होंने संस्थान में मानव संसाधन अत्यंत मजबूत बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। स्वास्थ्य मंत्री ने अधिक वरिष्ठ रेजिडेंट डॉक्टरों की भर्ती और उन्हें बेहतर अवसर प्रदान करने के महत्व की चर्चा की। संकाय सदस्यों की कमी दूर करने के लिए, उन्होंने स्थायी चयन समिति की बैठकें वर्ष में कम से कम चार बार आयोजित किये जाने का सुझाव दिया। जेपी नड्डा ने अन्य एम्स संस्थानों के साथ आदान-प्रदान कार्यक्रमों के साथ ही अतिथि संकाय सदस्यों की नियुक्ति का भी सुझाव दिया।

समीक्षा बैठक के बाद, जेपी नड्डा ने संस्थान की विभिन्न सुविधाएं देखीं, जिनमें भर्ती वार्ड, कार्डियोलॉजी विभाग में बन रही कार्डियक कैथटेराइजेशन लेबोरेटरी (उन्नत इमेजिंग और एक्सरे से हृदय और रक्तवाहिकाओं की जांच) और रेडियोलॉजी विभाग में ट्यूमर एब्लेशन और बायोप्सी (टिश्यू, गांठ या तरल पदार्थ का छोटा सा टुकड़ा निकालकर माइक्रोस्कोप द्वारा लैब में जांच) के लिए रोबोटिक नेविगेशन सिस्टम शामिल हैं। उन्होंने आयुष ब्लॉक का भी दौरा किया, जिसमें टीकाकरण केंद्र, योग केंद्र और सामुदायिक रेडियो स्टेशन शामिल हैं। जेपी नड्डा ने वहां संक्षिप्त संदेश में संस्थान के प्रयासों की सराहना की। इसके बाद स्वास्थ्य मंत्री ने परिसर का दौरा कर निर्माण कार्यों की समीक्षा की और अस्पताल के बुनियादी ढांचे की समग्र जानकारी प्राप्त की।

एम्स बिबीनगर चिकित्सा शिक्षा, रोगी देखभाल और अनुसंधान उत्कृष्टता केंद्र के रूप में उभरने की दिशा में लगातार प्रयत्नशील है, साथ ही सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा में भी श्रेष्ठ योगदान दे रहा है।

LEAVE A RESPONSE

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *