बिहार और असम की राज्य सरकारों ने नीट-यूजी परीक्षा में कथित अनियमितताओं के विरोध में प्रदर्शन करने वाले लोगों के खिलाफ दर्ज मामले और अन्य कानूनी कार्रवाई वापस लेने का फैसला किया है।
गृह विभाग की ओर से जारी सार्वजनिक सूचना के अनुसार 26 जुलाई की शाम छह बजे तक राज्य के किसी भी हिस्से में विरोध–प्रदर्शन में शामिल व्यक्तियों के विरुद्ध कोई दंडात्मक, प्रतिशोधात्मक या प्रतिकूल कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस अवधि तक दर्ज सभी प्राथमिकी, परिवाद और कारण बताओ नोटिस वापस लेने की विधिक प्रक्रिया तत्काल प्रारंभ की जाएगी। इसके साथ ही, इन मामलों में गिरफ्तार या निरोधित सभी व्यक्तियों को जल्द रिहा किया जाएगा। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इन मामलों में नामित व्यक्तियों के खिलाफ भविष्य में भी प्रत्यक्ष या परोक्ष रूप से कोई कार्रवाई नहीं की जाएगी।
उधर, असम के गृह और विभाग ने बताया कि विरोध प्रदर्शनों के संबंध में 13 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। हालांकि, राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ राज्य के किसी भी पुलिस प्राधिकरण द्वारा कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी। प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि सरकार का विरोध प्रदर्शनों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कोई और प्रतिकूल कार्रवाई करने का प्रस्ताव नहीं है।





