insamachar

आज की ताजा खबर

भारत

भारत ने इस्लामिक सहयोग संगठन के विदेश मंत्रियों की बैठक में पारित प्रस्तावों को खारिज किया

भारत ने बगदाद में 17 और 18 अक्तूबर को हुई इस्लामिक सहयोग संगठन-ओआईसी के विदेश मंत्रियों की बैठक में पारित प्रस्तावों में भारत के खिलाफ की गई टिप्पणियों को स्पष्ट रूप से खारिज कर दिया है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत के संबंध में की गई टिप्पणियां दुर्भावनापूर्ण, पक्षपातपूर्ण और झूठी हैं। मंत्रालय ने कहा कि इस्लामिक सहयोग संगठन ने एक बार फिर पाकिस्तान को अपने संकीर्ण दृष्टीकोण को आगे बढ़ाने के लिए संगठन का दुरुपयोग करने दिया है। मंत्रालय ने कहा कि ओआईसी को भारत के आंतरिक मामलों पर टिप्पणी करने का कोई अधिकार नहीं है।

भारत ने कहा कि केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत के अभिन्न और अविभाज्य अंग हैं तथा राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित दुष्प्रचार इस वास्तविकता को नहीं बदल सकता है। अनुच्छेद 370 के निरस्त होने के बाद के वर्षों में जम्मू-कश्मीर में उल्लेखनीय आर्थिक विकास हुआ है।

विदेश मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर में प्रदर्शन कर रहे नागरिकों के खिलाफ हिंसा, दमन और क्रूरता का सहारा लिया गया। इसमें महिलाओं और बच्चों सहित बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई। मंत्रालय ने कहा कि पाकिस्तान मीडिया पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने के बावजूद मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघनों को छिपा नहीं सकता है।

भारत ने कहा कि इस्लामोफोबिया से जुड़े आरोपों सहित इस्लामिक सहयोग संगठन के प्रस्तावों में भारत के खिलाफ अन्य मनगढ़ंत और शत्रुतापूर्ण टिप्पणियां की गई हैं। ये टिप्पणियां अंतरराष्ट्रीय समुदाय का ध्यान पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों के उत्पीड़न, सांप्रदायिक हिंसा, शासन की विफलता और राजनीतिक अस्थिरता से हटाने का हताश प्रयास हैं।

भारत ने कहा कि पाकिस्तान द्वारा फैलाए जा रहे दुर्भावनापूर्ण दुष्प्रचार और विमर्श का इस्लामिक सहयोग संगठन की ओर से बार-बार समर्थन किया जा रहा है। इससे संगठन की विश्वसनीयता और निष्पक्षता पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

LEAVE A RESPONSE

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *