बांग्लादेश में चट्टोग्राम की एक अदालत ने आज चिन्मय कृष्णादास ब्रह्मचारी की जमानत याचिका रद्द कर दी। बांग्लादेश सम्मिलिता सनातनी जागरण जोट के प्रवक्ता और इस्कॉन के पूर्व पुजारी चिन्मय कृष्णादास को पिछले वर्ष 25 नवम्बर को ढाका हवाई अड्डे से देशद्रोह के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। इस समय वे जेल में हैं।
भारत के गृह मंत्रालय ने चिन्मय दास की गिरफ्तारी पर चिंता व्यक्त करते हुए बंगलादेश सरकार से कहा है कि वे अल्पसंख्यक समुदाय की सुरक्षा सुनिश्चित करें।
ब्रिटेन के सांसदों ने भी चिन्मय दास की गिरफ्तारी और बांग्लादेश के हिन्दू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसक गतिविधियों पर चिंता व्यक्त की है।
पंजाब में कल रात जालंधर में सीमा सुरक्षा बल मुख्यालय और अमृतसर के खासा में…
भारतीय नौसेना का नौकायन प्रशिक्षण पोत- आईएनएस सुदर्शनी 4 मई 2026 को केप वर्डे के…
भारत और वियतनाम ने आज डिजिटल प्रौद्योगिकी, दुर्लभ खनिजों, चिकित्सीय उत्पादों से जुड़े विनियमन, सार्वजनिक…
भारत-यूरोपीय संघ व्यापार और प्रौद्योगिकी परिषद (टीटीसी) के हरित एवं स्वच्छ ऊर्जा प्रौद्योगिकी कार्य समूह-2…
रॉयल नीदरलैंड्स नेवी शिप एचएनएलएमएस डी रूयटर (एफ804) 04 मई 2026 को कोच्चि पहुंचा। यह…
भारत और अल्जीरिया के बीच 5 मई, 2026 को नई दिल्ली में संयुक्त आयोग की…