झारखंड में जे.पी.एस.सी. और जे.एस.एस.सी. परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर जारी छात्र आंदोलन के बीच सरकार और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच कल पहली औपचारिक वार्ता हुई। करीब डेढ़ घंटे तक चली बैठक में छात्रों ने भर्ती परीक्षाओं में पारदर्शिता, कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच और भर्ती प्रक्रिया में व्यापक सुधार की मांग दोहराई।
सरकार की ओर से चार मंत्रियों और विकास आयुक्त ने वार्ता में भाग लिया। मंत्रियों ने छात्रों की मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई का भरोसा दिलाते हुए कहा कि वार्ता में उठाए गए सभी मुद्दों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया जाएगा। छात्र प्रतिनिधियों ने वार्ता को सकारात्मक बताया, लेकिन स्पष्ट किया कि लिखित निर्णय और मांगों पर ठोस कार्रवाई होने तक धरना और भूख हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यदि दस अगस्त तक संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो पूर्व निर्धारित विधानसभा घेराव कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस बीच, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि सरकार छात्रों की समस्याओं के प्रति संवेदनशील है और संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहती है। महविश रहमान, आकाशवाणी समाचार, रांची।
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