पूर्वी लद्दाख में सीमा विवाद को लेकर भारत-चीन संबंधों में जारी तनाव के बीच, विदेश मंत्री एस जयशंकर ने द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता लाने एवं इसमें प्रगति के ‘‘साझा हित’’ पर ध्यान केंद्रित करने के लिए मंगलवार को चीनी राजदूत शु फेइहोंग से मुलाकात की।
जयशंकर ने न्यूजीलैंड और श्रीलंका के दूतों से भी अलग-अलग मुलाकात की। विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज शाम चीन के राजदूत शु फेइहोंग से मुलाकात की। हमारे द्विपक्षीय संबंधों में स्थिरता लाने और इसमें प्रगति के ‘साझा हित’ पर चर्चा की। उन्हें सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।’’
चीनी राजदूत का पद लगभग 18 महीने तक रिक्त रहने के बाद, शु 10 मई को दिल्ली पहुंचे। यह चार दशकों में सबसे लंबा अंतराल था। चीनी राजदूत ने 31 मई को कई नवनियुक्त विदेशी दूतों के साथ राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को अपना परिचय पत्र प्रस्तुत किया था। जयशंकर से अपनी मुलाकात के बाद, चीनी राजदूत ने कहा कि वह चीन-भारत संबंधों के विकास को ‘‘सही दिशा’’ में आगे बढ़ाने के लिए भारतीय पक्ष के साथ काम करने को उत्सुक हैं।
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