पंजाब में बैसाखी का त्योहार पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया जा रहा है। “बैसाखी का जश्न चारों तरफ है रंग-बिरंगे परिधानों में श्रद्धालुओं का सैलाब श्री आनंदपुर साहिब में गुरुद्वारा तख्त श्री केसगढ़ साहिब में नतमस्तक हो रहा है। जहां 326 वर्ष पहले आज ही के दिन खालसा पंथ की स्थापना हुई थी। श्रद्धालुओं द्वारा राज्यभर में लंगर और छबीलों का भी आयोजन किया जा रहा है। किसानों द्वारा वाहेगुरु से शरबत का भला की प्रार्थना करने के बाद अपने खेतों में खड़ी सुनहरी गेहूं की फसल की औपचारिक कटाई शुरू कर दी गई है। राष्ट्र आज उन सैंकड़ों निर्दोष भारतीयों को भी याद कर रहा है जिन्हें ब्रिटिश फौजी अधिकारी डायर ने जलियांवाला बाग में उस वक्त मार डाला था जब वे वर्ष 1919 में बैसाखी के दिन एकत्रित हुए थे।
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