नागरिक उड्डयन मंत्रालय पश्चिम एशिया में उत्पन्न हो रही स्थिति पर निरंतर नज़र रख रहा है जिसका असर भारत एवं पश्चिम एशिया क्षेत्र के बीच हवाई यात्रा पर पड़ रहा है। यात्रियों की सुरक्षा तथा उड़ानों का सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर आवश्यक परिचालन सामंजस्य स्थापित कर रही हैं।
05 मार्च, 2026 को यात्री आवागमन के आंकड़ों से पता चलता है कि भारतीय विमानन कंपनियों द्वारा संचालित कुल 40 उड़ानें पश्चिम एशिया से भारत पहुंचीं, जिनमें 7,205 यात्री सवार थे, जिससे कुल यात्रियों के भारत आने की संख्या 14,992 हो गई।
06 मार्च 2026 को परिचालन की व्यवहार्यता एवं मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए भारतीय एयरलाइनों द्वारा 51 उड़ानों को संचालित करने की योजना है।
मंत्रालय एयरलाइनों के साथ लगातार संपर्क में है और यह सुनिश्चित करने के लिए हवाई किरायों पर कड़ी निगरानी रख रही है कि इस अवधि के दौरान टिकटों की कीमतों में अनुचित वृद्धि न हो।
मंत्रालय एयरलाइनों एवं संबंधित हितधारकों के साथ निरंतर समन्वय कर रहा है और यात्रियों के आवागमन को सुगम बनाने एवं व्यवधान में कमी लाने लिए स्थिति पर नजर रख रहा है। यात्रियों को सलाह दिया गया है कि वे उड़ान समय-सारणी संबंधी नवीनतम जानकारी के लिए अपनी-अपनी एयरलाइनों के संपर्क में रहें। आवश्यकतानुसार आगे की जानकारी जारी की जाएगी।
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