बांग्लादेश की प्रधान मंत्री शेख हसीना ने सरकारी नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ हाल ही में छात्रों के नेतृत्व में विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसक घटनाओं के लिए अपने राजनीतिक विरोधियों को दोषी ठहराया है। राजधानी ढाका में उद्योग जगत के शीर्ष प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए शेख हसीना ने कहा कि स्थिति में सुधार होने पर कर्फ्यू हटा लिया जाएगा। शेख हसीना ने कहा कि नागरिकों के जानमाल की सुरक्षा के लिए कर्फ्यू लगाने के लिए उन्हें मजबूर होना पड़ा। उनकी यह टिप्पणी रविवार को देश की शीर्ष अदालत द्वारा अधिकांश आरक्षण खत्म करने के फैसले के एक दिन बाद आई है। अदालत का यह फैसला प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच कई दिनों की झड़प के बाद आया है। देश में हुए हिंसक विरोध प्रदर्शनों में कम से कम 147 लोगों की मौत हो गई।
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