बोत्सवाना ने प्रोजेक्ट चीता के अंतर्गत भारत को आज प्रतीकात्मक रूप से चीते सौंपे। इस अवसर पर गेबरॉन के पास नेचर रिजर्व में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु और बोत्सवाना के राष्ट्रपति डूमा बोको उपस्थित थे। भारत भेजे जाने से पहले ये चीते कुछ समय के लिए क्वारंटीन में रखे जाएंगे। बोत्सवाना, भारत में चीतों की संख्या बढ़ाने में सहायता के लिए आठ चीते सौंपेगा। प्रोजेक्ट चीता एक अनूठी पहल है जिसका उद्देश्य दशकों बाद चीतों को भारत में फिर से बसाना है। राष्ट्रपति की यात्रा कवर कर रहे हमारे संवाददाता ने बोत्सवाना से चीतों को लाये जाने के महत्व के बारे में बताया है।
बोत्सवाना को प्रोजेक्ट चीता के अगले चरण के लिए चुना गया है, क्योंकि यह दुनिया में चीतों की सबसे मजबूत आबादी वाले देशों में से एक है। अपने पड़ोसी नामीबिया के साथ मिलकर, बोत्सवाना दक्षिणी अफ्रीका के आधे से ज़्यादा चीतों का घर है और यह प्रजाति के लंबे समय तक बचाव और उसकी आनुवांशिक सेहत में अहम भूमिका निभाता है। बोत्सवाना से चीते लाने का फैसला इसलिए किया गया है ताकि भारत में पहले से मौजूद चीतों की आबादी में जेनेटिक डायवर्सिटी बढ़ाई जा सके। यह कदम प्रोजेक्ट के वैज्ञानिक और संरक्षण संबंधी उद्देश्यों को भी मजबूत करेगा।
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