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ब्रिक्स देशों ने ब्रिक्स एमएसएमई फोरम 2026 के उद्घाटन अवसर पर एमएसएमई के बीच मजबूत सहयोग, स्थिरता और वैश्विक एकीकरण का आह्वान किया

भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई) ने आगरा में पहले ब्रिक्स एमएसएमई फोरम 2026 का सफलतापूर्वक आयोजन किया। इसमें ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों के सरकारी प्रतिनिधि, नीति-निर्माता, उद्योग जगत के प्रतिनिधि और निजी क्षेत्र के हितधारक शामिल हुए। इस फोरम का उद्देश्य एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने, स्थिरता को बढ़ावा देने और वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा की क्षमता बढ़ाने पर चर्चा करना था।

इस मौके पर भारत सरकार के सूक्ष्‍म, लघु एवं मध्‍यम उद्यम (एमएसएमई) मंत्री जीतन राम मांझी ने ब्रिक्स देशों में एमएसएमई के भविष्य को आकार देने में सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि समावेशी और स्थायी आर्थिक विकास हासिल करने में एमएसएमई की भूमिका अहम है। आज उद्यमों के सामने जो चुनौतियां हैं—चाहे वे फाइनैंसिंग, टेक्नोलॉजी अपनाने, सस्टेनेबिलिटी या मार्केट तक पहुंच से जुड़ी हों, उनके लिए मिलकर समाधान खोजने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों के पास बहुत सांसाधन हैं और एक-दूसरे की मदद करने वाली क्षमताएं हैं। लगातार बातचीत और सहयोग से हम एक सुदृढ़ ढांचा बना सकते हैं जो एमएसएमई को इनोवेशन, एक्सपोर्ट और रोजगार को बढ़ावा देने में सक्षम बनाएगा।

मंत्री ने ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच मजबूत आर्थिक साझेदारी को बढ़ावा देने और ज्ञान के आदान-प्रदान को सुविधाजनक बनाने के लिए भारत की प्रतिबद्धता जताई।

सभा को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के एमएसएमई मंत्री भूपेंद्र चौधरी ने उद्यमिता और औद्योगिक विकास को बढ़ावा देने के प्रति राज्य की प्रतिबद्धता पर प्रकाश डाला।

उत्तर प्रदेश भारत के सबसे तेज़ी से बढ़ने वाले आर्थिक क्षेत्रों में से एक के रूप में उभरा है, जिसमें एमएसएमई रोजगार सृजित और जमीनी स्तर पर विकास करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। हमारा ध्यान इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट, पॉलिसी सपोर्ट, स्किल बढ़ाने और डिजिटल रूप से सशक्त बनाने के जरिए एक ऐसा माहौल बनाने पर है जो आगे बढ़ने में मदद करे। उन्होंने कहा कि ब्रिक्स एमएसएमई फोरम जैसे प्लैटफॉर्म के जरिए दुनिया भर के बेहतरीन तौर-तरीकों के आदान-प्रदान से इन कोशिशों को और मजबूती मिलेगी।

भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के सचिव भरत खेड़ा ने अपने संबोधन में मजबूत और समावेशी अर्थव्यवस्थाओं के निर्माण में एमएसएमई की अहम भूमिका पर जोर दिया।

प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए भरत खेड़ा ने कहा कि एमएसएमई केवल आर्थिक इकाइयां नहीं हैं; वे नवाचार, रोजगार, उद्यमिता और क्षेत्रीय विकास के इंजन हैं।

जैसे-जैसे ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाएं वैश्विक स्तर पर अपना प्रभाव बढ़ा रही हैं, वैसे-वैसे क्नोलॉजी को अपनाने, सतत विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग), डिजिटल परिवर्तन, कौशल और बाजार तक पहुंच जैसे क्षेत्रों में सहयोग की अपार संभावनाएं हैं।

मजबूत साझेदारी और ज्ञान-साझाकरण के माध्यम से हम एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कर सकते हैं जो अनुकूल, प्रतिस्पर्धी और वैश्विक पर जुड़े हुए हैं।

फोरम की पृष्ठभूमि तैयार करते हुए एमएसएमई मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और विकास आयुक्त डॉ. रजनीश ने ब्रिक्स वर्किंग ग्रुप की तीन बैठकों से निकले मुख्य परिणामों को प्रस्तुत किया और सदस्य देशों के बीच लगातार बातचीत से सामने आईं प्राथमिकताओं को रेखांकित किया।

यह फोरम ब्रिक्स एसएमई कार्य समूह की तीसरी बैठक के बाद आयोजित किया गया। यह आर्थिक विकास, नवाचार और रोजगार सृजन की रीढ़ सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों पर समर्पित ध्यान के माध्यम से ब्रिक्स देशों के बीच आर्थिक सहयोग को आगे बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

सत्र के दौरान भारत सरकार के उद्योग और आंतरिक व्यापार संवर्धन विभाग (डीपीआईआईटी) की प्रधान आर्थिक सलाहकार योगिता स्वरूप ने उद्यम विकास को समर्थन देने के लिए नीतिगत समन्वय और सक्षम ढांचे के महत्व पर प्रकाश डाला।

उन्होंने कहा कि आर्थिक विकास का भविष्य तेजी से बदलने वाले और नए-नए आइडिया पर काम करने वाले उद्यमों पर निर्भर करेगा। इस परिवर्तन में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका है। व्यापार करने की सुगमता को सुदृढ़ करना, वित्त तक पहुंच में सुधार, नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देना और अंतर्राष्ट्रीय बाजार संबंधों को सुविधाजनक बनाना ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं में विकास के अगले चरण को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगा।

उद्घाटन सत्र के दौरान भारत की उद्यमशीलता की ताकत, इनोवेशन की क्षमताओं और एमएसएमई की सफलता की कहानियों को दिखाने वाली एक खास एमएसएमई फिल्म भी दिखाई गई।

फोरम के प्रमुख आकर्षणों में से एक एसोचैम के महासचिव सौरभ सान्याल की एक प्रस्तुति थी, जिसमें उन्होंने ब्रिक्स सदस्य देशों के बीच आयोजित निजी क्षेत्र के हितधारक परामर्शों की सिफारिशों और परिणामों को साझा किया।

इंडस्ट्री का नजरिया रखते हुए सौरभ सान्याल ने टेक्नोलॉजी के आदान-प्रदान, डिजिटल व्यापार, सतत विनिर्माण तरीकों, क्षमता निर्माण और सप्लाई-चेन इंटीग्रेशन में और ज्यादा सहयोग की जरूरत पर जोर दिया।

इस फोरम में ब्रिक्स के सदस्य और सहयोगी देशों के सरकारी प्रतिनिधियों ने भी प्रेजेंटेशन दिए। उन्होंने एमएसएमई इकोसिस्टम को मजबूत करने, उद्यमिता को बढ़ावा देने, उत्पादकता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंच आसान बनाने से जुड़े बेहतरीन तौर-तरीकों और सफल केस स्टडीज के बारे में जानकारी साझा की।

भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय की संयुक्त सचिव मर्सी एपाओ द्वारा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। उन्होंने फोरम के पहले संस्करण का हिस्सा बनने के लिए भाग लेने वाले प्रतिनिधिमंडलों, उद्योग जगत के प्रतिनिधियों, भागीदार संगठनों और हितधारकों की सराहना की।

उन्होंने कहा कि आज हुई चर्चाओं ने मजबूत, स्थायी और भविष्य के लिए तैयार एमएसएमई इकोसिस्टम बनाने के ब्रिक्स देशों के साझा दृष्टिकोण की पुष्टि की है। फोरम के दौरान साझा किए गए विचार, अनुभव और सुझाव एमएसएमई -आधारित विकास के लिए सहयोग को मजबूत करने और सामूहिक एजेंडा को आगे बढ़ाने में बहुमूल्य योगदान देंगे।

कार्यक्रम के दौरान आयुष मंत्रालय ने एमएसएमई मंत्रालय और एसोचैम के साथ मिलकर ब्रिक्स प्रतिनिधियों के लिए अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के संदर्भ में योग सत्र का भी आयोजन किया।

इस कार्यक्रम में भारत की समृद्ध विरासत का उत्सव मनाने के लिए एक सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किया गया। पहले ब्रिक्स एमएसएमई फोरम 2026 का समापन स्थिरता, नवाचार, डिजिटल परिवर्तन, उद्यमिता विकास और वैश्विक मूल्य श्रृंखला एकीकरण में सहयोग बढ़ाने की मजबूत सहमति के साथ संपन्न हुआ, जो ब्रिक्स अर्थव्यवस्थाओं में समावेशी आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में एमएसएमई की महत्वपूर्ण भूमिका को और मजबूत करता है।

इससे पहले दिन में भारत सरकार के एमएसएमई मंत्रालय के सचिव भरत खेड़ा ने ब्रिक्स एमएसएमई प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। यह प्रदर्शनी ब्रिक्स देशों के बीच नवाचार, सहयोग और विकास के लिए एक महत्वपूर्ण मंच है।

इस प्रदर्शनी ने समावेशी और सतत आर्थिक विकास को बढ़ावा देने में एमएसएमई क्षेत्र की ताकत और क्षमता पर प्रकाश डाला।

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