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कैबिनेट ने असम में एनएच-715 के कालीबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन के मौजूदा राजमार्ग को 4 लेन का बनाने और चौड़ा करने को मंजूरी दी

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक कार्य की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने असम में काजीरंगा नेशनल पार्क (केएनपी) खंड पर प्रस्तावित वन्यजीव के प्रति अनुकूल पैमाने के अनुसार कार्यान्वयन के साथ, राष्ट्रीय राजमार्ग-715 के कालीबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन के मौजूदा कैरिजवे को चौड़ा करने और उसे चार लेन का बनाने को मंजूरी दी। यह परियोजना इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और निर्माण (ईपीसी) मोड पर तैयार की जाएगी, जिसकी कुल लंबाई 85.675 किलोमीटर और कुल पूंजीगत लागत 6957 करोड़ रुपये होगी।

एनएच-715 (पुराना एनएच-37) का मौजूदा कालीबोर-नुमालीगढ़ सेक्शन पक्के कंधों के साथ/ बिना 2-लेन का है, जो जाखलाबंधा (नागांव) और बोकाखाट (गोलाघाट) कस्बों के घनी आबादी वाले क्षेत्रों से होकर गुजरता है। मौजूदा राजमार्ग का एक बड़ा हिस्सा या तो काजीरंगा नेशनल पार्क से होकर गुजरता है या उद्यान की दक्षिणी सीमा के साथ-साथ, 16 से 32 मीटर के प्रतिबंधित राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) के साथ, जो काफी खराब ज्यामितीय आकृतियों के कारण और भी बदतर हो गया है। मॉनसून के दौरान, पार्क के अंदर का क्षेत्र पानी से भर जाता है, जिससे वन्यजीव पार्क से मौजूदा राजमार्ग को पार करके ऊंचे कार्बी-आंगलोंग पहाड़ियों की ओर चले जाते हैं। राजमार्ग पर चौबीसों घंटे भारी यातायात के कारण अक्सर दुर्घटनाएं होती हैं और जंगली जानवरों की मौत होती है।

इन चुनौतियों से समाधान के लिए, इस परियोजना में लगभग 34.5 किलोमीटर लंबे एक एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण शामिल होगा, जो काजीरंगा राष्ट्रीय उद्यान से कार्बी-आंगलोंग पहाड़ियों तक वन्यजीवों की संपूर्ण आवाजाही को कवर करेगा ताकि वन्यजीवों का मुक्त और निर्बाध आवागमन सुनिश्चित हो सके। इसके साथ ही, 30.22 किलोमीटर लंबी मौजूदा सड़क का अपग्रेडेशन और जाखलाबंधा तथा बोकाखाट के आस-पास 21 किलोमीटर लंबे ग्रीनफील्ड बाईपास का निर्माण भी किया जाएगा। इससे मौजूदा कॉरिडोर पर भीड़भाड़ कम होगी, सुरक्षा में सुधार होगा और गुवाहाटी (राज्य की राजधानी), काजीरंगा नेशनल पार्क (पर्यटन स्थल) और नुमालीगढ़ (एक औद्योगिक शहर) के बीच सीधा संपर्क बढ़ेगा।

यह परियोजना 2 प्रमुख राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच-127, एनएच-129) और 1 प्रदेश राजमार्ग (एसएच-35) को जोड़ती है, जिससे पूरे असम के प्रमुख आर्थिक, सामाजिक और लॉजिस्टिक्स केंद्रों को निर्बाध संपर्क मिलता है। इसके अतिरिक्त, अपग्रेडेड कॉरिडोर 3 रेलवे स्टेशनों (नागांव, जाखलबंधा, विश्वनाथ चरली) और 3 हवाई अड्डों (तेजपुर, लियाबारी, जोरहाट) से जुड़कर बहु-मॉडल एकीकरण को बढ़ाएगा, जिससे पूरे क्षेत्र में माल और यात्रियों की तेज आवाजाही संभव होगी। यह परियोजना 2 सामाजिक-आर्थिक केंद्रों, 8 पर्यटन और धार्मिक स्थलों से संपर्क को बेहतर बनाएगी, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास और धार्मिक पर्यटन को बल मिलेगा।

पूरा होने पर, कालीबोर-नुमालीगढ़ खंड क्षेत्रीय आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, प्रमुख पर्यटन, औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों के बीच संपर्क को सुदृढ़ करेगा, काजीरंगा नेशनल पार्क में पर्यटन को प्रोत्साहन देगा और व्यापार एवं औद्योगिक विकास के नए रास्ते खोलेगा। यह परियोजना लगभग 15.42 लाख कार्मिक दिन का प्रत्यक्ष और 19.19 लाख कार्मिक दिन का अप्रत्यक्ष रोजगार भी निर्मित करेगी, और आस-पास के क्षेत्रों में विकास, प्रगति और समृद्धि के नए रास्ते खोलेगी।

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