केंद्र सरकार ने गोवा के विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जनजातियों के प्रतिनिधित्व का पुनर्समायोजन अधिनियम, 2025 को लागू करने की अधिसूचना जारी कर दी है। इससे गोवा में अनुसूचित जनजातियों के लिए विधानसभा सीटों का आरक्षण सुनिश्चित हो गया है। भारत के राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना के अनुसार, यह अधिनियम कल से प्रभावी हो गया है, जिससे राज्य के आदिवासी समुदायों की लंबे समय से चली आ रही मांग पूरी हुई है और निर्वाचन क्षेत्रों के पुर्नसमायोजन और आरक्षण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
इस कदम का स्वागत करते हुए गोवा के मुख्यमंत्री डॉ. प्रमोद सावंत ने इसे एक वादे का पूरा होने जैसा बताया। सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में उन्होंने कहा कि यह अधिनियम अनुसूचित जनजाति समुदायों के लिए लंबे समय से लंबित न्याय और राजनीतिक प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की दिशा में निर्णायक कदम है। डॉ. सावंत ने इस कानून को साकार करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को धन्यवाद दिया और कहा कि यह “सबका साथ, सबका विकास” की भावना को दर्शाता है।
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