केंद्र सरकार ने विकसित भारत जी राम जी- गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) अधिनियम, 2025 के क्रियान्व्यन के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। यह अधिनियम इस वर्ष पहली जुलाई से देशभर में लागू हो जाएगा। देशभर में नए ढांचे के क्रियान्व्यन के लिए मौजूदा वित्त वर्ष में 95 हजार 692 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम, बीस साल पुराने महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोज़गार गारंटी अधिनियम 2005 की जगह लेगा। इस नए अधिनियम का उद्देश्य, एक वित्तीय वर्ष में रोज़गार गारंटी को सौ दिनों से बढ़ाकर एक सौ पच्चीस दिन करना है। इसके अलावा यह अधिनियम समय पर मज़दूरी के साथ-साथ पारदर्शी और जवाबदेह भुगतान पर ज़ोर देता है। यदि निर्धारित समय के भीतर किसी को काम उपलब्ध नहीं कराया जाता है, तो इस नए अधिनियम में बेरोजगारी भत्ता देने का भी प्रावधान है। विकसित भारत-जी राम जी अधिनियम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने, रोज़गार के नए अवसर पैदा करने और गांव के समग्र और सतत विकास को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
महिला श्रमिकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए विकसित भारत जी राम जी अधिनियम कार्यस्थलों पर बच्चों की देखभाल के लिए एक महत्वपूर्ण प्रावधान करता है। पांच वर्ष से कम उम्र के पांच या अधिक बच्चों की उपस्थिति में उनकी देखभाल के लिए एक महिला श्रमिक को नियुक्त किया जाएगा।





