इस्राएल ने ईरान पर हमले तेज कर दिए हैं ईरान ने पश्चिम एशिया में अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की है। इस संघर्ष से ऊर्जा संकट बढ़ गया है। तेहरान के कई जिलों में विस्फोटों की सूचना मिली है। हमारे संवाददाता ने बताया कि अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा विभाग के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा कि इस संघर्ष के चौथे सप्ताह में प्रवेश करने के बाद से क्षेत्र भर में 40 तेल और गैस सुविधाओं को काफी नुकसान पहुंचा है।
ऊर्जा मोर्चे पर संघर्ष अपने सबसे खतरनाक दौर में प्रवेश कर चुका है। अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी ने चेतावनी दी है कि मौजूदा संकट 1970 के दशक के तेल संकटों से भी अधिक गंभीर है, क्योंकि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद कर रखा है। दूसरी ओर, संयुक्त अरब अमीरात में हवाई सुरक्षा बलों ने हाल के घंटों में देश की ओर दागी गई मिसाइलों को विफल कर दिया है और पुष्टि की है कि मिसाइलों के मलबे से अबू धाबी के अल शवामेख इलाके में एक भारतीय निवासी को मामूली चोट आई है। लेबनान के दक्षिणी मोर्चे पर, इस्राएली सेना ने रणनीतिक क़स्मीह पुल को नष्ट कर दिया है। लेबनानी प्रधानमंत्री नवाफ सलाम ने इसे “आपराधिक आपदा” करार दिया है। उन्होंने कहा कि यह साजिश देश की बुनियादी ढांचे को पंगु बनाने के उद्देश्य से रची गई है।
अमरीका की सेना ने हवाई हमलों में ईरान के क़ोम टरबाइन इंजन उत्पादन संयंत्र को नष्ट कर दिया है। अमरीकी केंद्रीय कमान ने बताया कि ईरान इस संयंत्र का उपयोग हमलावर ड्रोन और विमान के पुर्जों के लिए गैस टरबाइन इंजन बनाने में कर रहा था। अमरीकी केंद्रीय कमान ने सोशल मीडिया पर नष्ट हुए संयंत्र की दो तस्वीरें साझा की हैं। इनमें हमले से हुए नुकसान को देखा जा सकता है।
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