देश का सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) वर्तमान वित्त वर्ष 2025-26 की अप्रैल-जून तिमाही में सात दशमलव आठ प्रतिशत की दर से बढ़ने का अनुमान है। यह पाँच तिमाही में सबसे अधिक है। पिछले वित्त वर्ष की चौथी तिमाही में जीडीपी सात दशमलव चार प्रतिशत रही थी। वरिष्ठ आर्थिक विशेषज्ञ शिशिर सिन्हा ने बताया कि कई क्षेत्रों में विकास के कारण जीडीपी में बढोतरी का अनुमान है।
इसमें दो बातें महत्वपूर्ण है। पहला तो यह है कि मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर का जो परफॉर्मेंस है, वो काफी अच्छा रहा, सेवा क्षेत्र का परफॉर्मेंस अच्छा रहा है, दूसरी तरफ अगर हम देखें तो जो कंजम्पशन है वह भी काफी अच्छा रहा है, लगभग आप समझ लीजिए 7 प्रतिशत और 10 प्रतिशत के करीब में है। अमरीका का जो सीमा शुल्क का मसला है उसका क्या असर पड़ेगा, तो उम्मीद यह जताई जा रही है कि यह विवाद लंबा नहीं चलेगा। अगर लम्बा नहीं चलता है तो इस साल जो विकास दर 6.3 से 6.8 प्रतिशत के बीच जो आर्थिक सर्वेक्षण में रखा गया था उसी रेंज में विकास होने का अनुमान है।
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम में एक बार फिर हवा का कम दबाव का क्षेत्र…
झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर विद्यार्थियों का विरोध प्रदर्शन और तेज…
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी-एनटीए ने इस वर्ष जून में हुई यूजीसी-नेट परीक्षा के 84 विषयों के…
केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज राजस्थान के चित्तौड़गढ़ में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी…
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने आज चेन्नई के पास चेंगलपट्टू के कट्टनकुलथुर में स्थित एसआरएम…
16 अगस्त 2026 को लगभग 0930 बजे, श्री कमलेश केदारनाथ राय नामक एक यात्री जो…