उच्चतम न्यायालय ने योगगुरु रामदेव, उनके सहयोगी बालकृष्ण और पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड को भ्रामक विज्ञापन मामले में जारी अवमानना नोटिस पर मंगलवार को अपना आदेश सुरक्षित रखा।
न्यायमूर्ति हिमा कोहली और न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की पीठ ने इस बात का संज्ञान लिया कि पतंजलि की ओर से पैरवी कर रहे वकील ने कंपनी के तीन उत्पादों के विज्ञापन वापस लेने के लिए उठाए जा रहे कदमों की जानकारी देने वाला हलफनामा दाखिल करने के लिए समय मांगा है।
इन तीन उत्पादों का लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। पीठ ने कहा कि तीन सप्ताह के अंदर हलफनामा दायर किया जाए। पीठ ने कहा, ‘‘प्रतिवादी संख्या 5 से 7 (पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड, बालकृष्ण और रामदेव) को जारी अवमानना नोटिस पर आदेश सुरक्षित रखे गए हैं।’’
दिल्ली उच्च न्यायालय ने आज राष्ट्रीय राजधानी में लापता लोगों के मामलों से संबंधित एक…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कनाडा में गोलीबारी की घटना में अपनों को खोने वाले परिवारों…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने हरियाणा के गुरुग्राम के डीएलएफ फेज-तीन इलाके में एक निर्माणाधीन…
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स के थांगस्काई क्षेत्र में 5…
भगवान बुद्ध के पवित्र देवनीमोरी अवशेष आज श्रीलंका से भारत वापस लाए गए। ये अवशेष…
निर्वाचन आयोग ने असम में विशेष संशोधन– एसआर 2026 की कल अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित…