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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने नई दिल्ली में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘शौर्य’ कार्यक्रम को संबोधित किया

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भारतीय सशस्त्र बलों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि उनके अद्वितीय शौर्य, पराक्रम और अदम्य साहस ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को भारत के सैन्य इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में स्थापित किया है। वे 2 मई, 2026 को नई दिल्ली में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की पहली वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित ‘शौर्य’ कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के आतंकवाद के विरुद्ध निर्णायक कार्रवाई और उसके समूल उन्मूलन के अटूट संकल्प को स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया है।

रक्षा मंत्री ने सैनिकों के समर्पण और राष्ट्रभक्ति की सराहना करते हुए कहा कि ‘राष्ट्र प्रथम’ और ‘स्वयं से पहले सेवा’ का उनका आदर्श भारत की सैन्य परंपराओं की आधारशिला रहा है, जो प्राचीन काल से लेकर ‘ऑपरेशन सिंदूर’ जैसे समकालीन अभियानों तक निरंतर परिलक्षित होता है। उन्होंने कहा कि भारतीय सशस्त्र बलों का शौर्य केवल युद्धभूमि तक सीमित नहीं है, बल्कि वे देश-विदेश में प्राकृतिक आपदाओं तथा अन्य संकटों के दौरान सबसे पहले राहत एवं बचाव कार्यों के लिए पहुंचते हैं और मानवीय सहायता प्रदान करते हैं। रक्षा मंत्री ने कहा, “हमारे सैनिक देशवासियों की सुरक्षा के लिए हथियार उठाते हैं और संकट की घड़ी में जरूरतमंदों तक भोजन, दवाइयां एवं अन्य आवश्यक सहायता पहुंचाते हैं। यही हमारे रक्षा बलों की सबसे विशिष्ट पहचान और सबसे बड़ी विशेषता है।”

यह कार्यक्रम कला एवं शौर्य का एक अद्वितीय संगम बना, जिसमें रक्षा मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी, सैकड़ों जवान व पद्म श्री से सम्मानित अनूप जलोटा, कैलाश खेर, हर्षदीप कौर और मनोज मुंतशिर जैसे प्रतिष्ठित कलाकार उपस्थित रहे। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि शौर्य और कला को अक्सर एक-दूसरे के विपरीत माना जाता है, जबकि वास्तविकता में दोनों एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने कहा कि शौर्य एवं कला, दोनों ही मानवीय संवेदनाओं, भावनाओं और संकल्प की सशक्त अभिव्यक्तियां हैं।

रक्षा मंत्री ने कहा कि सैन्य बैंड के मार्चिंग गीत सैनिकों सैनिकों को एकजुट करते हैंऔर संगीत व्यक्तिगत पहचान को सामूहिक शक्ति में बदल देता है। रक्षा मंत्री ने कहा कि यह भावना भारतीय सशस्त्र बलों की संस्कृति, परंपराओं और कार्यशैली में गहराई से समाहित है।

चीफ ऑफ डिफ़ेंस स्टाफ जनरल अनिल चौहान, चीफ ऑफ द एयर स्टाफ एयर चीफ मार्शल एपी सिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता, रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल धीरज सेठ इस कार्यक्रम में शामिल हुए।

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