दिल्ली सरकार ने कारोबारी सुगमता के प्रयोजन से हरित श्रेणी के उद्योगों को पर्यावरणीय मंजूरी के लिए बीस दिन की समय-सीमा तय की है। दिल्ली के पर्यावरण और उद्योग मंत्री मंजिन्दर सिंह सिरसा ने कहा कि इस सुधार से दिल्ली के सूक्ष्म लघु और मध्यम उद्यम क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।
मंजिन्दर सिंह सिरसा ने कहा कि अगले महीने से ऐसे उद्योगों के कंसेंट टू ऑपरेट (CTO) के आवेदन अगर 20 दिनों के भीतर प्रोसेस नहीं होते, तो उन्हें अपने आप मंजूर माना जाएगा। पहले यह समय-सीमा 120 दिन थी। पर्यावरण और उद्योग मंत्री ने कहा कि यह दिल्ली के व्यापारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग थी। मंजिन्दर सिंह सिरसा ने कहा कि डबल इंजन सरकार ने वो कर दिखाया जो 50 सालों में नहीं हुआ।
उन्होंने कहा यह सिर्फ सुधार नहीं, बल्कि दिल्ली की उद्योग नीति में एक ऐतिहासिक बदलाव है। यह सुधार 65 से अधिक ग्रीन कैटेगरी इंडस्ट्रीज़ को सीधा फायदा देगा – जो कम प्रदूषण फैलाने वाले और लो-रिस्क सेक्टर माने जाते हैं। इनमें शामिल हैं – बिना डाई या ब्लीचिंग के रेडीमेड गारमेंट्स, ऐलुमिनियम और पीवीसी यूनिट्स, बॉयलर के बिना आयुर्वेदिक दवाइयाँ, कोल्ड स्टोरेज, लकड़ी और स्टील के फर्नीचर, इलेक्ट्रिक ओवन वाली कन्फेक्शनरी यूनिट्स, ऑप्टिकल प्रोडक्ट्स, खिलौने, साबुन और डिटर्जेंट, बैटरी कंटेनर, कार्डबोर्ड और पैकेजिंग मैन्युफैक्चरिंग।
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