वैश्विक चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था लगातार मजबूत गति से बढ़ रही है। यह बात भारतीय रिज़र्व बैंक ने अपनी नवीनतम वित्तीय स्थिरता रिपोर्ट में कही है। यह मजबूत घरेलू मांग, मध्यम मुद्रास्फीति और विवेकपूर्ण व्यापक आर्थिक नीतियों के समर्थन से संभव हुआ है।
रिपोर्ट के अनुसार मजबूत बैलेंस शीट, अनुकूल वित्तीय परिस्थितियों और वित्तीय बाजारों में कम अस्थिरता के कारण घरेलू वित्तीय प्रणाली लचीली बनी हुई है। इसमें भू-राजनीतिक घटनाक्रम और व्यापार संबंधी चुनौतियों सहित बाहरी अनिश्चितताओं के कारण निकट भविष्य में जोखिमों की चेतावनी भी दी गई है।
रिपोर्ट के अनुसार राजकोषीय समर्थन और आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस में मजबूत निवेश के कारण वैश्विक अर्थव्यवस्था ने लचीलापन दिखाया है। इसमें बढ़ती अनिश्चितता, बढ़ते सार्वजनिक ऋण स्तर और वैश्विक वित्तीय बाजारों में अव्यवस्थित सुधार की संभावना से उत्पन्न होने वाले जोखिमों के बारे में भी चेतावनी दी गई है।
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