कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में सचिव डॉ. देवेश चतुर्वेदी ने कल विश्व बैंक के दक्षिण एशियाई क्षेत्र के उपराष्ट्रपति मार्टिन रायसर के साथ नई दिल्ली के कृषि भवन में बैठक की। इस बैठक के एजेंडे में कृषि और किसान कल्याण मंत्रालय की प्राथमिकताओं पर विचार विर्मश करना और मिट्टी के स्वास्थ्य, जलवायु लचीली कृषि तथा कार्बन बाजारों और डिजिटल कृषि तक पहुंच सहित चल रहे मुद्दों पर सहयोग को और मजबूत करना था।
सचिव महोदय ने विश्व बैंक के प्रतिनिधिमंडल को कृषि क्षेत्र में अपनी सरकार की प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सरकार दलहन और तिलहन में आत्म-निर्भरता प्राप्त करने, टिकाऊ कृषि को बढ़ावा देने, छोटी जोत के आकार की चुनौती को दूर करने के लिए नीतियों को लागू करने तथा किसानों को सेवाओं की डिलीवरी में सुधार लाने और बड़े पैमाने पर व्यवहार परिवर्तन लाने के लिए नीतियों को लागू करने के प्रयास कर रही है।
इस बैठक के दौरान, चर्चा छोटे और सीमांत किसानों के लिए कार्बन क्रेडिट के लाभों को सुनिश्चित करने के तरीकों, खेत के आकार में कमी की चुनौतियां, किसान उत्पादक संगठनों को पूंजी की पहुंच; इनपुट के सतत उपयोग के लिए बड़े पैमाने पर व्यवहार में बदलाव हेतु डिजिटल, मृदा स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे का लाभ उठाने, किसानों को टिकाऊ कृषि प्रथाओं तथा जलवायु स्मार्ट और लचीली कृषि को अपनाने हेतु प्रोत्साहित करने के लिए नीतियां तैयार करने पर केन्द्रित थी।
पेरिस में वित्तीय कार्रवाई कार्य बल (एफएटीएफ) की पूर्ण बैठक और कार्य समूहों की बैठकें…
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के केवडिया में ‘राष्ट्रीय एकता दिवस’ समारोह से पहले ‘भारत…
संयुक्त अरब अमीरात और सिंगापुर जाने वाले भारतीय यात्री अब अपने पसंदीदा यूपीआई ऐप के…
भारत सरकार ने भारत के बैंकिंग क्षेत्र की समीक्षा करने और इसे वैश्विक स्तर पर…
तमिलनाडु के ग्रामीण इलाकों में डिजिटल अवसंरचना को मजबूती प्रदान करने और ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को…
उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन आज तमिलनाडु के डिंडीगुल स्थित गांधीग्राम ग्रामीण संस्थान (मानद विश्वविद्यालय) के…