विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने कहा है कि विश्व के देशों के लिए आतंकवाद से निपटने में साझा चुनौतियों पर सहयोग करना पहले से कहीं ज़्यादा आवश्यक है। डॉ. जयशंकर ने आज नई दिल्ली में स्पेन के विदेश मंत्री होस मैनवेल एल्बरेस ब्यूनो के साथ बैठक के बाद ये बात कहीं। उन्होंने कहा कि भारत और स्पेन दोनों ही आतंकवाद से पीडित हैं। विदेश मंत्री ने कहा कि वैश्विक व्यवस्था में बदलाव आ रहा है और दुनिया को आतंकवाद के प्रति कतई बर्दाश्त न करने की नीति अपनानी चाहिए।
राष्ट्र के लिए चुनौतियों को हासिल करना बेहद जरूरी है। भारत और स्पेन आतंकवाद से जूझ रहे हैं। हमें साझा लोकतांत्रिक मूल्यों, आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस और बढ़ती आर्थिक साझेदारी के आधार पर भारत-स्पेन के संबंधों को मजबूत करना होगा।
डॉ. जयशंकर ने कहा कि भारत, अगले महीने नई दिल्ली में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इम्पैक्ट सम्मेलन 2026 की मेज़बानी करेगा। विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और स्पेन ने वर्ष 2026 को संस्कृति, पर्यटन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के दोहरे वर्ष के रूप में नामित किया है।
भारत और यूरोप एआई के क्षेत्र में साझा दृष्टिकोण रखते हैं। एआई के प्रति हमारी सोच मानव केंद्रित और नैतिक उपयोग पर आधारित है। हमें विश्वास है कि यह वर्ष अधिक संस्थागत और उद्योग को प्रोत्साहित करेगा।
विदेश मंत्री ने कहा कि भारत और स्पेन इस वर्ष राजनयिक संबंधों के 70 वर्ष पूरे कर रहे हैं।
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