भारत

निर्वाचन आयोग ने हिंसा मुक्त चुनाव राष्ट्रपिता को समर्पित किए

निर्वाचन आयोग ने राष्ट्रपति को 18वीं लोकसभा के लिए निर्वाचित सदस्यों के नाम सौंपने के बाद आज शाम राजघाट पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित की। कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना के ग्रेजुएट और टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों को छोड़कर, जहां तत्काल प्रभाव से आदर्श आचार संहिता लागू नहीं रहेगी, वहां ग्रेजुएट और टीचर्स निर्वाचन क्षेत्रों में विधान परिषद के द्विवार्षिक/उप-चुनावों के कारण एमसीसी लागू है।

राजघाट पर राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद आयोग का बयान:

“हम यहां राष्ट्र द्वारा हमें सौंपे गए पवित्र कार्य, 18वीं लोकसभा के आम चुनाव सम्‍पन्‍न कराने के बाद राष्ट्रपिता को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए खड़े हैं। हम भारत के लोगों की इच्छा को लगभग अहिंसक तरीके से उत्प्रेरित करने के बाद अपने दिल में विनम्रता लिए हुए यहां खड़े हैं।

“लोकतंत्र में हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है”, यह वह स्पष्ट प्रतिबद्धता थी जिसके साथ 16 मार्च, 2024 को 18वीं लोकसभा के चुनावों की घोषणा की गई थी। चुनावी प्रक्रिया को हिंसा से मुक्त रखने की इस प्रतिज्ञा के पीछे हमारी प्रेरणा राष्ट्रपिता महात्मा गांधी थे। उन्होंने इंसान के बीच समानता की वकालत की और सभी के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों की वकालत की।

महात्मा के विचारों में, वयस्क मताधिकार “सभी प्रकार के वर्गों की सभी उचित आकांक्षाओं को पूरा करने में सक्षम बनाता है”। मतदान केन्‍द्रों पर उत्सव के मूड में लंबी कतारें और मतपत्र के माध्यम से अपने भविष्य का फैसला करने का दृढ़ संकल्प महात्मा के पोषित आदर्शों और भारत की सभ्यतागत विरासत का प्रमाण था।

आयोग ने पूरे दिल, दिमाग और पूरी ईमानदारी के साथ यह सुनिश्चित करने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास किया है कि: सबसे आम भारतीय का मताधिकार किसी भी कीमत पर नकारा न जाए, बल्कि इसे सख्ती से सक्षम बनाया जाए; कि दुनिया की सबसे बड़ी चुनावी प्रतियोगिता लोकतांत्रिक अधिशेष पैदा करे; और हमारे विशाल परिदृश्य में शामिल करोड़ों लोगों के गहन कार्यों में किसी भी रूप में हिंसा की थोड़ी सी भी छाया पड़ने की अनुमति न हो। जम्मू-कश्मीर और मणिपुर समेत भारत के सभी राज्यों और केन्‍द्र शासित प्रदेशों ने अपने परिपक्व आचरण से एक मिसाल कायम की है जो भविष्य के लिए शुभ संकेत है। शांति और विकास का रास्ता गोली नहीं बल्कि मतपत्र है।

हम इस शपथ के साथ अपनी बात समाप्त करते हैं कि भारत के निर्वाचन आयोग की राष्ट्र के प्रति सेवा, जो अब अपने 76वें वर्ष में है, अडिग समर्पण के साथ जारी रहेगी। हमने अफवाहों और निराधार संदेहों के साथ चुनावी प्रक्रिया को दूषित करने के सभी प्रयासों को खारिज कर दिया, जो अशांति भड़का सकते थे। भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं में अपार आस्था रखने वाले आम आदमी की ‘इच्छा’ और ‘बुद्धि’ की जीत हुई है। हम नैतिक और कानूनी रूप से स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव आयोजित करके हमेशा इसी भावना को बनाए रखने के लिए बाध्य हैं।

जय हिंद!”

Editor

Recent Posts

आंध्र प्रदेश और ओडिशा के ऊपर बना गहरा दबाव अब कमजोर होकर निम्न दबाव के क्षेत्र में बदल गया

उत्तरी तटीय आंध्र प्रदेश और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर बना गहरा दबाव अब…

2 घंटे ago

NCSC अध्यक्ष ने SC छात्र की मृत्यु के संबंध में IIT बॉम्बे में मौके पर जांच की

राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (एनसीएससी) के अध्यक्ष किशोर मकवाना ने आज भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान बॉम्बे…

3 घंटे ago

FSSAI ने केवल दूध से प्राप्त उत्पादों को ‘पनीर’ के रूप में प्रदर्शित किए जाने को सुनिश्चित करने के लिए मसौदा संशोधन प्रस्तावित किया

भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) ने खाद्य सुरक्षा और मानक (बिक्री पर निषेध…

3 घंटे ago

भारत ने 14 वें पूर्वी एशिया शिखर सम्मेलन के आर्थिक मंत्रियों एवं 23 वें आसियान-भारत आर्थिक मंत्री परामर्श में भाग लिया

वाणिज्य विभाग के अपर सचिव नितिन कुमार यादव के नेतृत्व में भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने मनीला,…

3 घंटे ago

DRDO ने TDF योजना के तहत स्टार्ट-अप जीरो एमके इंडिया के साथ एक उच्च-मूल्य वाली गहन-प्रौद्योगिकी परियोजना के लिए समझौता किया

रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (डीआरडीओ) ने प्रौद्योगिकी विकास निधि (टीडीएफ) योजना के तहत स्टार्ट-अप…

3 घंटे ago

ICAR-CMFRI ने उपभोक्ताओं को किसी खास इलाके की मछलियों में परजीवी मिलने की खबरों के आधार पर टूना मछली खाना न छोड़ने की सलाह दी

कोच्चि स्थित आईसीएआर-सेंट्रल मरीन फिशरीज रिसर्च इंस्टीट्यूट (आईसीएआर-सीएमएफआरआई) ने उपभोक्ताओं को सलाह दी है कि…

17 घंटे ago