निर्वाचन आयोग ने पश्चिम बंगाल में एक हज़ार से ज़्यादा बूथ लेवल अधिकारियों-बीएलओ को निर्देशों का पालन न करने पर कारण बताओ नोटिस जारी किया है। राज्य के बीएलओ की नियुक्ति प्रक्रिया इस साल अप्रैल में शुरू हुई थी, लेकिन एक हज़ार से अधिक बीएलओ ने 17 अक्तूबर तक कार्यभार नहीं संभाला। आयोग ने स्पष्ट किया है कि अगर नोटिस का जवाब असंतोषजनक पाया गया तो इन सभी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। देशभर में मतदाता सूची की विशेष गहन पुनरीक्षण प्रक्रिया जल्द ही शुरू हो सकती है। निर्वाचन आयोग पश्चिम बंगाल की वर्तमान स्थिति को देखते हुए राज्य की चुनावी प्रक्रिया पर कड़ी निगरानी रख रहा है।
इस बीच, निर्वाचन आयोग और मुख्य चुनाव अधिकारियों की दो दिन की बैठक नई दिल्ली में जारी है। बैठक में देश भर में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण के लिए सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य चुनाव अधिकारी कार्यालय की तैयारियों का आकलन किया जा रहा है। मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार की अध्यक्षता में कल हुई बैठक में निर्वाचन आयुक्त डॉ. सुखबीर सिंह संधू और डॉ. विवेक जोशी भी उपस्थित थे। पिछले महीने आयोजित विशेष गहन पुनरीक्षण तैयारी सम्मेलन के बाद यह बैठक बुलायी गयी है।
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