यूरोपीय आयोग ने आज भारत के साथ मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) पर हस्ताक्षर और इसे लागू करने के लिए यूरोपीय परिषद के समक्ष औपचारिक प्रस्ताव पेश किया है। इस समझौते को व्यापक रूप से ‘मदर ऑफ ऑल डील्स’ यानी अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता बताया जा रहा है। यूरोपीय परिषद की मंजूरी मिलने पर यह भारत और यूरोपीय संघ, दोनों के लिए अब तक का सबसे बड़ा व्यापार समझौता होगा।
भारत और यूरोपीय संघ ने इस वर्ष जनवरी में एफटीए को अंतिम रूप देने की घोषणा की थी। यूरोपीय आयोग के अनुसार, समझौता लागू होने के बाद बाजार तक पहुंच आसान होगी, शुल्क कम होंगे और अनावश्यक व्यापार बाधाएं दूर होंगी। इससे भारत और यूरोपीय संघ के बीच व्यापार और निवेश के लिए स्पष्ट और भरोसेमंद नियम उपलब्ध होंगे। मौजूदा समय में, भारत और यूरोपीय संघ के बीच हर वर्ष 180 अरब यूरो से अधिक के वस्तुओं और सेवाओं का व्यापार होता है, जिससे करीब आठ लाख रोजगार जुड़े हैं।
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