पंजाब में बाढ़ की स्थिति में कमी आई है, लेकिन पिछले 24 घंटे में अमृतसर और रूपनगर में तीन लोगों की मृत्यु हो गई। राज्य के 14 जिलों में बाढ़ से जुडी घटनाओं में अब तक 46 लोगों की मृत्यु हुई है, जबकि पठानकोट जिले में तीन व्यक्ति लापता हैं।
हर गुजरते दिन के साथ, बाढ़ से प्रभावित ज़मीन, फ़सल, लोगों और जान-माल के नुकसान की गिनती बढ़ती जा रही है। गुरदासपुर, फ़ाज़िल्का, फिरोज़पुर, अमृतसर, कपूरथला और तरनतारन ज़िले सबसे ज़्यादा प्रभावित हैं। घरों और पशुओं को भी काफ़ी नुकसान हुआ है। भारतीय सेना, वायुसेना, एनडीआरएफ और बीएसएफ की विशेषज्ञ टीमों द्वारा सुरक्षित बाहर निकाले गए लोगों की गिनती भी बढ़ कर लगभग 23 हजार हो गई है। स्थानीय लोगों और गैर-सरकारी संगठनों की मदद से राहत और बचाव कार्य जारी है। पंजाब की दुग्ध सहकारी संस्था, मिल्कफेड-वेरका ने भी डेयरी किसानों और पशुओं की मदद के लिए एक व्यापक दोहरी रणनीति अपनाने के साथ यह भी सुनिश्चित किया है कि कोई भी परिवार बिना पोषण के न रहे।
उपराष्ट्रपति सीपी राधाकृष्णन ने आज चेन्नई में आयोजित इंडिया वाल्व्स 2026 में इंडिया वाल्व रजिस्ट्री…
कोयला उत्पादक क्षेत्रों में भारी बारिश के कम होने के स्पष्ट संकेत मिलने के साथ…
विदेश मंत्रालय ने बताया है कि नेपाल के बाढ़ प्रभावित त्रिशुली बाजार क्षेत्र से पांच…
बिहार में बाढ़ की स्थिति में कोई सुधार नहीं है। लगातार नदियों के उफान पर…
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने आज शिक्षक दिवस के अवसर पर नई दिल्ली में आयोजित एक…
बिहार के 14 जिलों में बाढ़ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। कई नदियां खतरे…