हिमाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों में तेज मॉनसूनी बारिश से राहत मिलने की सम्भावना है। इस मॉनसून के दौरान राज्य में भू-स्खलन की 135, अचानक बाढ़ की 95 और बादल फटने की 45 घटनाएं दर्ज हुई हैं। राज्य के कई जिलों में सामान्य जीवन अब भी बुरी तरह बाधित है और जन-जीवन की बहाली के प्रयास जारी हैं।
हिमाचल प्रदेश में इस बार मॉनसून की अप्रत्याशित वर्षा ने जान-माल को भारी क्षति पहुंचाई है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र की रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश में अब तक तीन सौ 66 लोगों की मृत्यु हो चुकी है, जबकि 41 लोग अभी भी लापता हैं। रिपोर्ट में प्रारंभिक आकलन के अनुसार चार हजार 79 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान भी बताया गया है, जिसमें लोक निर्माण विभाग को दो हजार सात सौ 43 करोड़, जल शक्ति विभाग को दो हजार पांच सौ 18 करोड़ और ऊर्जा विभाग को एक सौ 39 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है इसके अतिरिक्त छह हजार 25 कच्चे-पक्के मकान भी क्षतिग्रस्त हुए हैं राज्य में तीन राष्ट्रीय उच्च मार्ग और आठ सौ 97 संपर्क सड़कें अभी भी यातायात के लिए अवरूद्ध हैं। इसके अलावा एक हजार चार सौ 97 बिजली ट्रांसफार्मर और तीन सौ 88 पेयजल योजनाएं भी बाधित है।
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