भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग-एएसआई ने मध्य प्रदेश के धार जिले में भोजशाला परिसर में हिंदुओं को पूजा-पाठ और अन्य कार्यक्रमों के लिए प्रवेश की अनुमति दे दी है।
इससे पहले मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने भोजशाला को देवी सरस्वती का मंदिर घोषित किया था। एएसआई के आदेश का हवाला देते हुए एक अधिकारी ने बताया कि हिंदुओं को अपनी प्राचीन परंपराओं के अनुसार परिसर में पूजा-अर्चना और अध्ययन के लिए निर्बाध प्रवेश की अनुमति होगी।
उच्च न्यायालय की इंदौर पीठ ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग के 7 अप्रैल, 2003 के उस आदेश को भी रद्द कर दिया था जिसमें मुसलमानों को हर शुक्रवार को भोजशाला परिसर के भीतर नमाज अदा करने की अनुमति दी गई थी। पीठ ने कहा कि मुस्लिम समुदाय जिले में मस्जिद निर्माण के लिए अलग से भूमि आवंटन के लिए राज्य सरकार से संपर्क कर सकता है।
भारतीय रिज़र्व बैंक आज अपनी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करेगा। कई विशेषज्ञों का मानना…
भारत ने वेस्टइंडीज को पहले टी-ट्वेंटी मैच में 8 विकेट से हरा दिया है। कल…
वायुसेना उपप्रमुख के पद पर कार्यरत एयर मार्शल आशुतोष दीक्षित, पीवीएसएम, एवीएसएम, वीएम, वीएसएम 29वें…
सोने की संगठित तरीके से तस्करी के खिलाफ अपनी निरंतर कार्रवाई को जारी रखते हुए,…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज इंडिया मोबाइल कांग्रेस से पहले सेवा तीर्थ में ग्लोबल सिस्टम…
थल सेना अध्यक्ष (सीओएएस) जनरल धीरज सेठ ने आज नई दिल्ली में संयुक्त भारत-अर्जेंटीना सेना…