शीर्ष स्वास्थ्य अनुसंधान निकाय भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) ने कहा है कि पैकेट बंद सामान पर खाद्य लेबल भ्रामक हो सकता है। इसने जोर दिया कि उपभोक्ताओं को सामान खरीदते वक्त स्वस्थ विकल्प के लिए उस पर लिखी जानकारी को सावधानीपूर्वक पढ़ना चाहिए।
ICMR ने यह भी कहा कि ‘शुगर-फ्री’ होने का दावा करने वाले खाद्य पदार्थ वसा से भरे हो सकते हैं जबकि डिब्बाबंद फलों के रस में फल का केवल 10 फीसदी तत्व ही हो सकता है। हाल ही में जारी किए आहार संबंधी दिशा निर्देशों में आईसीएमआर ने कहा कि पैकेट वाले खाद्य पदार्थ पर स्वास्थ्य संबंधी दावे उपभोक्ता का ध्यान आकर्षित करने के लिए और उन्हें इस बात पर राजी करने के लिए किए जा सकते हैं कि यह उत्पाद सेहत के लिहाज से अच्छा है।
दिल्ली में पंजीकृत 30 लाख रुपये तक की एक्स-शोरूम मूल्य वाली सभी इलेक्ट्रिक कारों को…
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने आज महात्मा ज्योतिराव फुले की जयंती पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि अर्पित…
मत्स्य पालन, पशुपालन एवं डेयरी मंत्रालय के अंतर्गत मत्स्य पालन विभाग ने नई दिल्ली के…
केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने अपने कुवैत के समकक्ष ओसामा खालिद बूदाई…
सरकार ने वस्त्र क्षेत्र के लिए उत्पादन संबद्ध प्रोत्साहन (पीएलआई) योजना के तीसरे राउंड के…
राष्ट्र आज समाज सुधारक और महान जनसेवक महात्मा ज्योतिबा फुले की जयंती पर उन्हें श्रद्धांजलि…