ग्रुप ऑफ सेवन–जी-7 के सदस्य देशों ने इटली में अपने वार्षिक शिखर सम्मेलन के अंतिम दिन संयुक्त बयान में कल चीन की अनुचित व्यावसायिक प्रथाओं से निपटने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दर्शायी। यह अनुचित प्रथाएं चीन के श्रमिकों और उद्योगों को कमजोर कर रही थीं।
जी-7 ने उन चीनी वित्तीय संस्थानों के खिलाफ भी कार्रवाई की चेतावनी दी, जिन्होंने रूस को यूक्रेन के खिलाफ युद्ध के लिए हथियार उपलब्ध कराने में सहायता प्रदान की थी।
संयुक्त बयान में इस बात पर जोर दिया गया कि जी-7, चीन को नुकसान पहुंचाने या उसके आर्थिक विकास को विफल करने की कोशिश नहीं कर रहा है, बल्कि उसके व्यवसायों को अनुचित प्रथाओं से बचाने और समस्याओं का समाधान करने के लिए प्रयासरत है।
जी-7 देशों ने अपने संयुक्त बयान में भारत–मध्य और पूर्व–यूरोप आर्थिक गलियारे जैसी विशिष्ट बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समर्थन देने का भी वादा किया है।
जी-7 नेताओं ने अपने बयान में कहा कि संयुक्त राष्ट्र फिलिस्तीनी शरणार्थी एजेंसी को युद्धग्रस्त गजा में, निर्बाध रूप से कार्य करने की अनुमति दी जानी चाहिए।
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