घरेलू एमआरओ उद्योग और विमानन क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने घोषणा की है कि विमानों के पुर्जों, कंपोनेंट, जांच उपकरणों, औजारों और टूल-किट के आयात पर, चाहे उनका एचएसएन वर्गीकरण कुछ भी हो, 5 प्रतिशत की एकसमान दर से आईजीएसटी लागू होगा, बशर्ते कि यह निर्दिष्ट शर्तों के अधीन हो। यह नीतिगत बदलाव भारतीय एमआरओ क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाने, नवोन्मेषण और दक्षता को बढ़ावा देने तथा एक मजबूत एवं कुशल विमानन क्षेत्र बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
सरकार ने विभिन्न नीति, विनियामक और अन्य प्रोत्साहनों के माध्यम से भारत में विमान रखरखाव, मरम्मत और निरीक्षण (एमआरओ) सेवाओं की स्थापना को सुविधाजनक बनाने के लिए कई कदम उठाए हैं, जिनमें शामिल हैं:
यह जानकारी नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने कल लोक सभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
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