बिज़नेस

सरकार ने हितधारकों के परामर्श के लिए विदेश व्यापार नीति, 2023 में संशोधन किया

विदेश व्यापार महानिदेशालय (DGFT) ने गुरुवार को विदेश व्यापार नीति, 2023 में संशोधन को अधिसूचित किया, जिसमें अनुच्छेद 1.07ए और 1.07बी को शामिल किया गया है, ताकि विदेश व्यापार नीति(एफटीपी) में कानूनी समर्थन लाया जा सके, जिससे विदेश व्यापार नीति के निर्माण या संशोधन के संबंध में आयातकों/निर्यातकों/उद्योग विशेषज्ञों सहित संबंधित हितधारकों से विचार, सुझाव, टिप्पणियां या प्रतिक्रिया प्राप्त करने के लिए हितधारकों के साथ परामर्श करना आवश्यक हो सके।

यह विदेश व्यापार नीति, 2023 के निर्माण या संशोधन के संबंध में विचारों, सुझावों, टिप्पणियों या प्रतिक्रिया को स्वीकार न करने के कारणों को सूचित करने के लिए प्रणाली भी प्रदान करता है।

विदेश व्यापार नीति, 2023 में नवीनतम संशोधन निर्णय लेने की प्रक्रिया में परामर्श के माध्यम से हितधारकों और विशेषज्ञों की भागीदारी को प्रोत्साहित करके भारत में व्यापार करने में सुगमता (ईओडीबी) के दायरे को मजबूत करने की दिशा में केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।

संशोधनों का मुख्य उद्देश्य आयात, निर्यात और माल के पारगमन को प्रभावित करने वाली नीति और प्रक्रियाओं को शुरू करने या बदलने से पहले निर्णय लेने की प्रक्रिया में सभी हितधारकों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना है, साथ ही इस प्रक्रिया में टिप्पणी करने और योगदान करने के लिए उचित अवसर प्रदान करना है।

सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि हितधारकों से प्राप्त प्रत्येक मूल्यवान राय/प्रतिक्रिया पर उचित विचार किया जाए। हालांकि, सरकार को इस तथ्य का भी ध्यान रखना होगा कि एक ही विषय पर कई हितधारक अलग-अलग सुझाव दे सकते हैं और ऐसे मामलों में व्यवसाय के सुचारू संचालन के लिए सरकार को अंतिम निर्णय लेने का अधिकार अपने पास सुरक्षित रखना चाहिए। केवल ऐसी असाधारण परिस्थितियों से निपटने के लिए ही सरकार के पास स्वप्रेरणा से नीतियां बनाने का अधिकार सुरक्षित रखा गया है।

अधिसूचना को निर्णय लेने में समग्र समावेशिता के अनुरुप देखा जाना चाहिए, अधिसूचना का अपवाद जो आकस्मिकताओं से निपटने के लिए स्वप्रेरणा से निर्णय लेने का प्रावधान करता है, उसे सरकार की व्यापक संप्रभु शक्ति में देखा जाना चाहिए।

निष्कर्ष रूप में, दिनांक 02-01-2025 की अधिसूचना व्यापार से संबंधित निर्णय लेने में समावेशिता के एक नए युग का प्रवेश मात्र है। यह तब सफल होगा जब सरकार इस अधिसूचना द्वारा खोले गए आधिकारिक चैनलों के माध्यम से एफटीपी में परिवर्तनों पर हितधारकों की राय/प्रतिक्रिया पर विचार करना प्रारंभ करेगी।

Editor

Recent Posts

धन-शोधन और वित्तीय अपराधों से निपटने के लिए भारत की वित्तीय खुफिया इकाई और SEBI ने समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन-शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा में…

6 घंटे ago

FIU-IND और PFRDA ने सूचना साझाकरण और समन्वय को बढ़ाने के लिए एमओयू पर हस्ताक्षर किए

भारत में धन शोधन और वित्तीय अपराधों के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने की दिशा…

7 घंटे ago

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रिया के फेडरल चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्टॉकर ने डेलीगेशन लेवल की बातचीत की

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज नई दिल्‍ली में ऑस्ट्रिया के चांसलर डॉ. क्रिश्चियन स्‍टॉकर के…

9 घंटे ago

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया

प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने आंध्र प्रदेश के कुरनूल जिले में हुई दुर्घटना पर गहरा दुख…

9 घंटे ago

NHAI ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ईटीसी) प्रणाली में डेटा की सटीकता और विश्वसनीयता बढ़ाने के लिए सभी फास्टटैग जारीकर्ता बैंकों को निर्देश जारी किए

भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन (ETC) प्रणाली में डेटा की सटीकता…

11 घंटे ago

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य समूह की पहली बैठक 2026 की मेजबानी की

केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय भारत सरकार ने नई दिल्ली में ब्रिक्स स्वास्थ्य कार्य…

11 घंटे ago