भारत

सरकार ने कांडला में महत्वपूर्ण बंदरगाह कनेक्टिविटी परियोजना के लिए 132.51 करोड़ रुपये की मंजूरी दी

देश में बंदरगाहों के विकास को तेज करने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए, केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने दीनदयाल पत्तन प्राधिकरण में एलसी-235 पर एक ‘रोड ओवर ब्रिज’ के निर्माण को मंज़ूरी दे दी है। इस परियोजना की अनुमानित लागत 132.51 करोड़ रुपये है।

यह परियोजना भारत सरकार के प्रमुख सागरमाला कार्यक्रम का एक अभिन्न अंग है और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के उद्देश्यों के अनुरूप है, जिसका लक्ष्य देश भर में मल्टी-मॉडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को बढ़ाना है। वर्तमान में इस परियोजना का निर्माण कार्य पश्चिम रेलवे द्वारा ‘डिपॉजिट बेसिस’ (जमा के आधार) पर किया जा रहा है।

इस अवसर पर बोलते हुए केंद्रीय मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने कहा, “यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में आधुनिक, कुशल और निर्बाध पोर्ट-आधारित कनेक्टिविटी के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। दीनदयाल पोर्ट पर बना यह रेलवे ओवरब्रिज महत्वपूर्ण बाधाओं को दूर करेगा, कार्गो की आवाजाही को बेहतर बनाएगा और भारत की लॉजिस्टिक्स दक्षता को मजबूत करेगा। सागरमाला कार्यक्रम और पीएम गति शक्ति के अनुरूप, हम एक ऐसा एकीकृत बुनियादी ढांचा तैयार कर रहे हैं जो व्यापार को गति देता है, सुरक्षा को बढ़ाता है और आर्थिक विकास को बढ़ावा देता है। यह विश्व-स्तरीय पोर्ट अवसंरचना तैयार करने और एक वैश्विक नौवहन केंद्र के रूप में भारत की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।”

इस प्रस्ताव का हाल ही में पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के सचिव की अध्यक्षता में आयोजित एक बैठक में ‘प्रदत्त निवेश बोर्ड’ द्वारा मूल्यांकन किया गया था। आधुनिक सुरक्षा मानकों और तकनीकी विशिष्टताओं के अनुपालन को सुनिश्चित करने के लिए परियोजना की संशोधित लागत की समीक्षा की गई।

प्रस्तावित रोड ओवर ब्रिज एक महत्वपूर्ण अवसंरचना तैयार करने वाला एक हस्तक्षेप है, जिसे बंदरगाह पर मौजूदा लॉजिस्टिक बाधाओं को दूर करने के लिए डिज़ाइन किया गया है। रेल क्रॉसिंग पर निर्बाध आवाजाही सक्षम करके, यह परियोजना बाधाओं को समाप्त करेगी, बंदरगाह की ओर जाने वाले माल का निरंतर प्रवाह सुनिश्चित करेगी और दीनदयाल पोर्ट की परिचालन दक्षता में उल्लेखनीय सुधार करेगी। इसके पूरा होने पर, इससे भीड़भाड़ कम होने, माल की तेजी से निकासी होने और देश की समग्र नौवहन लॉजिस्टिक्स श्रृंखला के मजबूत होने की उम्मीद है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के एकीकृत और समन्वित बुनियादी ढांचा विकास के दृष्टिकोण के अनुरूप, मंत्रालय ने सभी प्रमुख बंदरगाहों को अपनी परियोजनाओं को पीएम गति शक्ति पोर्टल पर मैप करने का निर्देश भी दिया है। यह पहल मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी परियोजनाओं के बेहतर तालमेल को सक्षम बनाएगी, अंतर-एजेंसी समन्वय को बढ़ाएगी और देश भर में अवसंरचना के विकास में तेजी लाएगी।

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