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जापान सरकार ने भारत को शहरी परिवहन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में चार परियोजनाओं के लिए 275.858 अरब जापानी येन का आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई

जापान सरकार ने भारत को शहरी परिवहन, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्रों में चार परियोजनाओं के लिए 275.858 अरब जापानी येन (लगभग 16,420 करोड़ रुपये) का आधिकारिक विकास सहायता (ओडीए) ऋण देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिन्हें पंजाब, कर्नाटक और महाराष्ट्र राज्यों में कार्यान्वित किया जाना है।

भारत सरकार के वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग के संयुक्त सचिव आलोक तिवारी और भारत में जापान के राजदूत केइची ओनो के बीच 24 मार्च, 2026 को ऋण समझौतों का आदान-प्रदान हुआ। इन परियोजनाओं में “बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना (चरण 3) (I)” (102.480 अरब जापानी येन), “मुंबई मेट्रो लाइन 11 परियोजना (I)” (92.400 अरब जापानी येन), “महाराष्ट्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा वितरण, चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की परियोजना (I)” (62.294 अरब जापानी येन) और “पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की परियोजना” (18.684 अरब जापानी येन) शामिल हैं। भारत सरकार और जापान अंतर्राष्ट्रीय सहयोग एजेंसी (जेआईसीए) के बीच ऋण समझौतों पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं।

बेंगलुरु मेट्रो रेल परियोजना (चरण 3) (I) का उद्देश्य बेंगलुरु महानगर क्षेत्र में बढ़ती यातायात मांग से निपटने के लिए जन-तीव्र परिवहन प्रणाली का विस्तार करना है। इससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा, शहरी पर्यावरण में सुधार होगा और अंततः यातायात जाम से राहत और बढ़ते मोटर वाहनों से होने वाले प्रदूषण में कमी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन को कम करने में मदद मिलेगी।

मुंबई मेट्रो लाइन 11 परियोजना (I) का उद्देश्य जन तीव्र परिवहन प्रणाली का विस्तार करके मुंबई में यातायात की बढ़ती मांग से निपटना है, जिससे क्षेत्रीय आर्थिक विकास को बढ़ावा मिले, शहरी पर्यावरण में सुधार हो और अंततः यातायात जाम से राहत और बढ़ते मोटर वाहनों के कारण होने वाले प्रदूषण में कमी के माध्यम से जलवायु परिवर्तन को कम किया जा सके।

महाराष्ट्र में तृतीयक स्वास्थ्य सेवा वितरण, चिकित्सा शिक्षा प्रणाली और नर्सिंग शिक्षा प्रणाली को सुदृढ़ करने की परियोजना (I) का उद्देश्य तृतीयक स्वास्थ्य सुविधाओं, कॉलेजों, अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों और नर्सिंग स्कूलों के निर्माण के माध्यम से स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को सुदृढ़ करके महाराष्ट्र में चिकित्सा देखभाल की पहुंच और गुणवत्ता में सुधार करना है। इससे भारत में सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज (यूएचसी) को बढ़ावा देने में भी योगदान मिलेगा।

पंजाब में सतत बागवानी को बढ़ावा देने की परियोजना का उद्देश्य उच्च मूल्य वाली बागवानी फसलों में विविधता लाकर, सुदृढ़ मूल्य श्रृंखला और क्षमता विकास के लिए अवसंरचना का विकास करके सतत बागवानी को बढ़ावा देना और किसानों की आय में सुधार करना है। इससे पंजाब में पर्यावरण संरक्षण और सतत सामाजिक-आर्थिक विकास को बल मिलेगा।

भारत और जापान के बीच सन् 1958 से द्विपक्षीय विकास सहयोग का एक लंबा और फलदायी इतिहास रहा है। आर्थिक सहयोग, जो भारत-जापान संबंधों का एक प्रमुख स्तंभ है, पिछले कुछ वर्षों में लगातार प्रगति कर रहा है। इससे भारत और जापान के बीच रणनीतिक और वैश्विक साझेदारी और भी मजबूत होती है।

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