पश्चिम एशिया में बढते तनाव के एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम में हिजबुल्लाह ने अपने सैन्य कमांडर फौद शुकुर की हत्या की पृष्ठभूमि में इस्रायल पर जवाबी हमला किया है। 30 जुलाई को बेरूत के दक्षिणी क्षेत्र में शुकुर के मारे जाने के तीन सप्ताह से अधिक समय के बाद आज सुबह यह हमला किया गया।
हिजबुल्लाह द्वारा जारी एक वक्तव्य में कहा गया है कि लडाकों के एक समूह ने इस्रायली क्षेत्र पर बडी संख्या में ड्रोन और मिसाइल का इस्तेमाल करके इस हमले को अंजाम दिया। इस समूह ने हमले में हुई बर्बादी को लेकर विशेष जानकारी नहीं दी है।
इस बीच, इस्रायल ने घोषणा की है कि इसने हिजबुल्लाह के हमले से पहले लेबनान में सौ लड़ाकू विमानों के साथ सुरक्षात्मक हमला किया था। इस्रायली सेना ने बताया कि इसने इस्रायल के विरूद्ध बडे स्तर पर होने वाले हमलों की तैयारियों का पता लगाया था, इस कारण यह हमला किया गया। इस्रायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बताया कि बमबारी में हजारों रॉकेट नष्ट कर दिए गए और 40 से अधिक लॉन्च प्लेटफॉर्म पर बमबारी की गई। इनमें से कुछ प्लेटफॉर्म मध्य इस्रायल के ठिकानों को निशाना बना रहे थे।
अंतर्राष्ट्रीय समुदाय इन घटनाक्रमों पर नजर रखे हुए हैं। अमरीका के रक्षामंत्री लॉयड ऑस्टिन ने आज हुए हमले को लेकर नेतन्याहू से बातचीत की। उन्होंने इस बातचीत में इस्रायल को अमरीकी समर्थन की पुष्टि की।
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