सभी हितधारकों/संबंधित जनता की जानकारी के लिए यह सूचित किया जाता है कि देश के सर्वोच्च न्यायालय ने अपने आदेश दिनांक 25 मई, 2026 के माध्यम से स्वतः संज्ञान रिट याचिका (सिविल) संख्या 10/2025 में अरावली पहाड़ियों और पर्वतमालाओं से संबंधित मामलों के साथ-साथ सहायक मुद्दों की जांच करने और 31 अगस्त, 2026 से पहले सर्वोच्च न्यायालय को अपनी व्यापक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए एक उच्चाधिकार समिति का गठन किया है।
उच्चाधिकार समिति ने दिल्ली, राजस्थान, हरियाणा, गुजरात या ऐसे किसी अन्य राज्य के हितधारकों, पर्यावरणविदों, संरक्षणवादियों, गैर-लाभकारी संगठनों, खनन पट्टा धारकों, परियोजना प्रस्तावकों, ग्रामीणों, किसानों, खदान श्रमिकों और स्थानीय समुदायों से, जिनकी आजीविका और कल्याण के क्षेत्र के पारितंत्र और जैव विविधता से आंतरिक रूप से जुड़े हो सकते हैं, और उन इच्छुक व्यक्तियों/संस्थाओं से, जो विचाराधीन मुद्दों से प्रभावित हो सकते हैं या जिनका उनमें वैध हित हो सकता है, अभ्यावेदन और सुझाव आमंत्रित किए हैं।
सभी हितधारकों से प्राप्त सुझावों को, जहां तक संभव हो, दस्तावेजी साक्ष्य या अन्य सत्यापन योग्य सामग्री द्वारा समर्थन के साथ इस सूचना के प्रकाशन की तिथि से 21 दिनों के भीतर mshpcaravalli[at]gmail[dot]com पर ईमेल के माध्यम से या इस उद्देश्य के लिए विशेष रूप से डिज़ाइन किए गए Google फ़ॉर्म
(लिंक: https://forms.gle/FpWwXBES5Gfr9bn16 ) के माध्यम से संप्रेषित किया जाना चाहिए।
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