केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आज पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी में तीन नए कानूनों पर प्रदर्शनी का उद्घाटन किया। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी, केन्द्रीय गृह सचिव गोविन्द मोहन और आसूचना ब्यूरो के निदेशक महेश दीक्षित सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
अपने संबोधन में केन्द्रीय गह मंत्री अमित शाह ने कहा कि पूरे देश में नवीन न्याय संहिताओं पर अमल शुरु हो गया था लेकिन पश्चिम बंगाल की पिछली सरकार ने इसके नोटिफिकेशन नहीं जारी किए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने ऐसा इसीलिए नहीं होने दिया क्योंकि नवीन न्याय संहिताओं पर अमल होते ही यहां सिंडिकेट, कट मनी, टोल टैक्स और भय का साम्राज्य चूर चूर हो जाता। पश्चिम बंगाल के चुनावों में हमने जनता से वादा किया ता कि हम भय नहीं भरोसे की सरकार देंगे। मुख्यमंत्री शुभेन्दु अधिकारी जी ने पद संभालते ही सबसे पहले नवीन न्याय संहिताओं को राज्य में लागू करने का काम किया, जिससे भय की जगह भरोसे की सरकार की शुरूआत हुई।
अमित शाह ने कहा कि आज यहां एक प्रदर्शनी के माध्यम से बताया गया है कि तीनों न्याय संहिताएं किस प्रकार से नागरिकों, उनकी संपत्ति और सम्मान को सुरक्षित करेंगी। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार के शासन में रविन्द्र संगीत से गूंजता यह प्रदेश बम धमाकों से डरता था और यहां एसिड अटैक होते थे। आर जी कर मेडिकल कॉलेज की बर्बरता हो या संदेशखाली की पीड़ा, दुर्गापुर मेडिकल में हुआ बलात्कार हो या साउथ कोलकाता लॉ कॉलेज में हुई छेड़खानी हो, सरकार कोई एक्शन नहीं लेती थी। अमित शाह ने कहा कि अब यहां सरकार बदलने के बाद कानून भी बदल रहा है और 15 साल बाद फिर से राज्य में कानून का राज सुनिश्चित हो जाएगा। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने संदेश दिया था कि यहां भय नहीं भरोसे का शासन होगा, वो अब बंगाल में ज़मीन पर उतरता हुआ दिख रहा है।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि हमने नवीन न्याय संहिताओं में तकनीक का उपयोग किया है जिससे पुलिस को जांच के दौरान ज़्यादा तकनीकी साक्ष्य मिलेंगे जिसके कारण न्याय मिलने की गति बढ़ेगी। प्रॉसीक्यूशन, पुलिस और न्याय व्यवस्था में लगने वाले समय को कम करने के कानून प्रावधान इन संहिताओं में किए गए हैं। उन्होंने कहा कि दो साल में राज्य में नवीन न्याय संहिताओं पर पूर्ण अमल के बाद किसी भी एफआईआर में तीन साल में सुप्रीम कोर्ट तक न्याय मिल सकेगा। ज़ीरो एफआईआर और ई-एफआईआर का प्रावधान किया गया है जिसका सबसे बड़ा फायदा बाहर पढ़ रही यहां की बच्चियों, बहनों और बेटियों, बैंकिंग फ्रॉड के पीड़ितों और देश में कहीं भी काम कर रहे बंगाल के नागरिकों को होगा।
अमित शाह ने कहा कि नई न्याय प्रणाली दंड-केन्द्रित नहीं बल्कि पीड़ित-केन्द्रित है। उन्होंने कहा कि महिलाओं और बच्चों को इनमें प्राथमिकता दी गई है। 7 वर्ष से अधिक सज़ा के प्रावधान वाले सभी मामलों में फॉरेन्सिक विज़िट और रिपोर्ट को अनिवार्य कर दिया गया है। सभी ई-डॉक्यूमेंट स्वीकारने के लिए अब अदालतें न्यायिक रूप से बाध्य हैं। सिख दंगों में तीन दशकों के बाद भी न्याय नहीं हुआ, भोपाल गैस त्रासदी में न्याय मिलने में 26 साल लगे, अजमेर सामूहिक दुष्कर्म में 32 साल लग गए। अब इन तीन T – Technology, Transparency और Timeline – से पूरी न्याय व्यवस्था बदलने वाली है।
केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि बंगाल में दो काम हो रहे हैं। पहला, न्यायिक व्यवस्था बदल रही है और टोल टैक्स, सिंडिकेट, कट मनी और भ्रष्टाचार का खात्मा हो रहा है और सरकार जनता के साथ खड़ी दिख रही है। उन्होंने कहा कि पहले यहां कैडर का राज था, कम्युनिस्टों के सासन में भी कैडर का राज था और पिछली सरकार में गुंडों के कैडर का राज था। अब शुभेन्दु जी की सरकार में कानून का राज प्रस्थापित हो गया है। उन्होंने कहा कि अब बंगाल कानून के रास्ते पर आगे बढ़ गया है। उन्होंने कहा कि अब यहां हमारी सरकार है और हम 6 माह में बांग्लादेश से आए हुए हिंदू, सिख और जैन शरणार्थियों को नागरिकता दे देंगे।
अमित शाह ने कहा कि भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने नागरिकता प्रदान करने के अधिकार बंगाल सरकार के आठ कलेक्टरों को दे दिए हैं। जितने भी शरणार्थी हैं उन सब को सुनिश्चित रूप से सम्मान के साथ भारत की नागरिकता मिलेगी। बंगाल में हमारी सरकार का अटल फैसला है कि हम एक एक घुसपैठिए को चुन-चुनकर पश्चिम बंगाल से निकाल देंगे।
केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि सीमा सुरक्षा के लिए हमें भूमि चाहिए थी जो हमें मिल गई। बंगाल सरकार ने लगभग 1129 एकड़ भूमि बाड़ लगाने के लिए दे दी है। जनसांख्यिकी परिवर्तन पर बनी समिति में भी सहयोग करने के लिए बंगाल सरकार ने आश्वासन दिया है। कट मनी और अवैध कमीशन बंद करने के लिए एक टोल फ्री नंबर शुभेन्दु अधिकारी जी ने शुरु कर दिया है। इस नंबर पर कॉल कर कट मनी मांगने वालों की शिकायत करें, कट मनी लेने वाले को जेल की सलाखों के पीछे डालने का काम हमारी बंगाल सरकार करेगी। सिंडिकेट के लिए भी हमने यहां एक टोल फ्री नंबर चालू किया है, रोड टैक्स वसूलने वालों के लिए भी हमने एक टोल फ्री नंबर चालू कर दिया है। ये तीनों टोल फ्री नंबर कट मनी, सिंडिकेट और टोल टैक्स लेने वालों की संस्कृति को बंगाल से हमेशा के लिए उखाड़कर फेंक देंगे।
अमित शाह ने कहा कि हमने आलू उगाने वाले किसानों से कहा था कि आपका आलू ओडिशा, झारखंड और बिहार जाने से अब कोई नहीं रोकेगा। शुभेंदु जी ने सरकार बनने के पहले ही दिन आलू की निकासी पर से प्रतिबंध हटा लिया। यहां सातवां वेतन आयोग लागू करने को राज्य कैबिनेट ने मंजूरी दे दी। 20% डीए घोषित कर दिया गया है और युवाओं की आयु में छूट देने का काम भी हमारी बंगाल सरकार ने किया है। हर दीदी को ₹3000 देना भी शुरू हो गया है, आयुष्मान भारत योजना के तहत गरीबों को ₹5 लाख तक का मुक्त इलाज शुरू कर दिया गया है। मातंगी हाजरा और रानी शिरोमणि बटालियन की भी घोषणा हो गई है और उत्तर बंग में कैंसर अस्पताल भी बनाने की शुरुआत कर दी गई है।
किसानों को 6 हजार की जगह 9000 रूपए देने का जो हमने वादा किया था वो भी शुभेन्दु अधिकारी सरकार ने पूरा कर दिया है। 5 साल के लिए बने घोषणा पत्र के 43% काम शुभेन्दु जी ने 100 दिन में पूरे कर दिए हैं। लंबे समय के बाद बंगाल में जनता की बात सुनने वाली सरकार आई है। पहले यहां सुनवाई गुंडे करते थे, अब थाना और कलेक्टर करते हैं, एमएलए और एमपी करते हैं और मंत्री करते हैं। पहले न्याय इनके टोल टैक्स और सिंडिकेट वाले करते थे, अब न्याय अदालत में होता है। पहले बहने, महिलाएं फरियाद नहीं कर पाती थी, अब वे बेरोकटोक बड़े से बड़े आदमी के खिलाफ फरियाद करने से नहीं डरती हैं। 5 साल पूर् होने से पहले विवेकानंद जी, कवि गुरु रविंद्रनाथ टैगोर और बंकिम बाबू की कल्पना वाले सोनार बांग्ला का हम निर्माण कर पाएंगे।
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