गृहमंत्री अमित शाह ने कहा है कि सरकार ने सभी जनजातीय समुदायों को समान नागरिक संहिता के दायरे से बाहर रखने के विशेष प्रावधान किए हैं। इसका उद्देश्य उनके अधिकारों को पूरी तरह संरक्षित रखना है। अमित शाह ने यह बात नई दिल्ली में कल जनजातीय सांस्कृतिक समागम में कही।
नरेन्द्र मोदी सरकार के गृहमंत्री के नाते स्पष्ट कर देना चाहता हूं, यूसीसी की कोई पाबंदी वनवासी जगत पर वनवासी व्यक्ति पर लगने वाली नहीं, यूसीसी से कोई वनवासी अधिकारों का अतिक्रमण नहीं होने वाला है।
गृहमंत्री ने धरती आबा भगवान बिरसामुंडा की विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने संदेश दिया था कि वन भूमि पर जनजातीय समुदाय का स्वामित्व होना चाहिए। अमित शाह ने कहा कि नरेन्द्र मोदी सरकार ने जनजातीय कल्याण के लिए बजट बढ़ाने का काम किया है।
नरेन्द्र मोदी जी ने एक प्रकार से जनजाति कल्याण को आगे बढ़ाने का काम किया है। कांग्रेस के जमाने में जनजातियों के कल्याण का कुल बज़ट 28 हज़ार करोड़ था और नरेन्द्र मोदी जी ने उसको एक लाख पच्चास हज़ार करोड़ तक बढ़ाने का काम किया है।
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