अमरीका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने कहा है कि उन्होंने अपने प्रतिनिधियों को ईरान के साथ किसी समझौते में जल्दबाजी नहीं करने को कहा है। तीन महीने से जारी संघर्ष में अमरीकी प्रशासन ने फिलहाल किसी बड़े समझौते की संभावना से इंकार किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि उनके प्रशासन के अंतर्गत ईरान के साथ किसी भी संभावित समझौते में कोई वित्तीय छूट नहीं दी जाएगी।
मीडिया के अनुसार, विचाराधीन समझौते में 60 दिन के लिए युद्धविराम बढ़ाना, होर्मुज जलडमरूमध्य फिर खोलना और ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर आगे की बातचीत शामिल है। हालांकि इस प्रस्ताव को लेकर रिपब्लिकन पार्टी में भी मतभेद है, कुछ का कहना है कि यह प्रस्ताव ईरान के प्रति बहुत नरम रुख अपनाता है। सीनेटर टेड क्रूज़ ने इसे एक बड़ी गलती बताया है, जबकि सीनेट सशस्त्र सेवा समिति के अध्यक्ष रोजर विकर ने कहा कि 60 दिन का युद्धविराम ऑपरेशन एपिक फ्यूरी की उपलब्धियों को निरर्थक कर देगा। विदेश मामलों की समिति के प्रतिनिधि माइक लॉलर ने कहा कि अमरीकी प्रशासन ईरान को बातचीत करने के लिए विवश करने में सफल रहा है। अमरीका और इस्राएल ने 28 फरवरी को ईरान पर व्यापक हमले शुरू किए थे।
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