अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ ने एशिया-प्रशांत क्षेत्र में विमानन के विकास में भारत की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया है। इस क्षेत्र में 2044 तक भारतीय यात्रियों की संख्या लगभग चार अरब तक पहुंचने का अनुमान है।
अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ एशिया–प्रशांत क्षेत्र के उपाध्यक्ष शेल्डन ही ने कल ब्राजील में बताया कि भारत पिछले कई वर्षों से एशिया–प्रशांत क्षेत्र के विमानन विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते घरेलू नागर विमानन बाजारों में से एक है। शेल्डन ही ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र में पिछले पांच से दस वर्षों में मजबूत वृद्धि हुई है और भविष्य में भी इसके मजबूत बने रहने की आशा है। अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ तीन सौ 70 से अधिक एयरलाइनों का प्रतिनिधित्व करता है। यह वैश्विक हवाई यातायात का लगभग 85 प्रतिशत हिस्सा हैं। 82वीं अंतर्राष्ट्रीय हवाई परिवहन संघ वार्षिक आम बैठक और विश्व हवाई परिवहन शिखर सम्मेलन छह से आठ जून तक ब्राजील में आयोजित किए जा रहे हैं।
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