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IDEX-DIO और EdCIL (इंडिया) लिमिटेड ने नए एस्पायर कार्यक्रम के तहत दोहरे उपयोग वाली तकनीक विकसित करने के लिए समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए

रक्षा उत्कृष्टता के लिए नवाचार – रक्षा नवाचार संगठन (आईडीईएक्स-डीआईओ) ने दोहरे उपयोग वाली अत्याधुनिक प्रौद्योगिकियों के विकास को बढ़ावा देने के लिए एडसीआईएल (इंडिया) लिमिटेड के साथ एक समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं। यह नए एस्पायर (अनुसंधान और शिक्षा में रणनीतिक प्रगति में तेजी) कार्यक्रम द्वारा संचालित, रक्षा विशेषज्ञता को उभरते एड-टेक समाधानों से जोड़ता है। आईडीईएक्स-डीआईओ रक्षा मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है। वहीं, एडसीआईएल (इंडिया) लिमिटेड शिक्षा मंत्रालय के तहत एक मिनी रत्न श्रेणी-I केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र उद्यम (सीपीएसई) है।

इस समझौता ज्ञापन पर संयुक्त सचिव (डीआईपी) एवं अतिरिक्त सीईओ, डीआईओ अमित सतीजा और संयुक्त सचिव (टीईएल), शिक्षा मंत्रालय एवं सीएमडी, एडसिल गोविंद जायसवाल ने 9 सितंबर, 2025 को नई दिल्ली में हस्ताक्षर किए। इसका उद्देश्य आईडीईएक्स  के नवाचार मॉडल को नागरिक क्षेत्र तक विस्तारित करना, महत्वपूर्ण चुनौतियों को लक्षित करना और दोनों संगठनों की क्षमताओं एवं विशेषज्ञता का लाभ उठाकर ऐसी नवीन तकनीकों को बढ़ावा देना है जो स्वदेशी क्षमताओं पर भारत के बढ़ते जोर को दर्शाती हैं। यह सहयोग देश के स्टार्ट-अप इको-सिस्टम का प्रभावी ढंग से उपयोग करके स्केलेबल और प्रभावशाली नवाचारों को विकसित करने में एक नया अध्याय शुरू करता है।

आईडीईएक्स के बारे में

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा 2018 में शुरू किया गया, आईडीईएक्स रक्षा इको-सिस्टम में एक क्रांतिकारी बदलाव के रूप में उभरा है। बहुत कम समय में इसने गति पकड़ी है और इस क्षेत्र में स्टार्ट-अप्स के बढ़ते समुदाय को बढ़ावा दिया है। यह वर्तमान में 650 से अधिक स्टार्ट-अप्स और एमएसएमई के साथ जुड़ा हुआ है। अब तक, नोडल एजेंसियों से 50 उत्पादों के लिए 3,250 करोड़ रुपये से अधिक की खरीद की मंज़ूरी प्राप्त हो चुकी है।  साथ ही आईडीईएक्स ढांचे के तहत विकसित 36 उत्पादों के लिए 1,652 करोड़ रुपये के खरीद आदेश दिए जा चुके हैं। यह रक्षा क्षमताओं को मज़बूत करने में इसके महत्वपूर्ण योगदान को दर्शाता है।

एडसिल (इंडिया) लिमिटेड के बारे में

एडसिल (इंडिया) लिमिटेड, एक लाभ कमाने वाला और तेज़ी से बढ़ता हुआ मिनी रत्न श्रेणी-I सार्वजनिक क्षेत्र का उद्यम है। यह भारत और विदेशों में शिक्षा के क्षेत्र में परियोजना प्रबंधन, परामर्श, एड-टेक और संबंधित सेवाएं प्रदान करता है। पिछले दशक (वित्तीय वर्ष 2014-15 से वित्तीय वर्ष 2023-24) में इसने लगभग 24 प्रतिशत की उल्लेखनीय चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर दर्ज की है।  इसका राजस्व 74 करोड़ रुपये से बढ़कर 655 करोड़ रुपये हो गया है।

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