अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष ने कहा है कि भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम द्वारा 2016 में लॉन्च किए गए यूपीआई ने उपयोगकर्ताओं को एक ही मोबाइल ऐप में कई बैंक खातों को लिंक करने और आसानी से त्वरित लेनदेन करने में सक्षम बनाकर देश के भुगतान पारिस्थितिकी तंत्र में क्रांति ला दी है।
इसके अंतर्गत न केवल भुगतान को सरल बनाया गया है बल्कि लाखों छोटे व्यवसायों को भी न्यूनतम लागत पर डिजिटल भुगतान अपनाने में सक्षम किया गया है। आंकडों के अनुसार यूपीआई से अब प्रतिमाह 18 अरब से अधिक का लेन-देन हो रहा है। यह भारत के कुल डिजिटल भुगतानों का पच्चासी प्रतिशत है।
इस वर्ष जून में 24 दशमलव तीन लाख करोड़ रूपए की 18 अरब 39 करोड़ लेन-देन हुए। 49 करोड़ दस लाख उपयोगकर्ताओं और छह करोड़ 50 लाख व्यापारियों के साथ यूपीआई छह सौ 75 बैंकों को एकीकृत डिजिटल ढांचे के माध्यम से जोड़ता है।
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