मौजूदा वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भारत के इलेक्ट्रॉनिकी वस्तुओं के निर्यात में 47 प्रतिशत की वृद्धि हुई है और यह 12 अरब 47 करोड़ डॉलर मूल्य का हो गया है। यह वैश्विक विनिर्माण केन्द्र के रूप में देश के स्थापित होने का संकेत है।
वाणिज्य मंत्रालय के अनुसार इस वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में भारत से इलेक्ट्रॉनिकी वस्तुओं के निर्यात में अमरीका, संयुक्त अरब अमीरात और चीन तीन शीर्ष गंतव्य के रूप में उभरे हैं। नीदरलैंड्स और जर्मनी इलेक्ट्रॉनिकी निर्यात के लिये अन्य प्रमुख गंतव्य हैं। यह विविधता भारत के वैश्विक इलेक्ट्रॉनिकी आपूर्ति श्रृंखला में बढ़ती विश्वसनीयता और देश के वैकल्पिक विनिर्माण केंद्र के रूप में उभरने की पुष्टि करता है। भारत से 60 प्रतिशत से अधिक इलेक्ट्रॉनिकी वस्तुओं का निर्यात अमरीका को किया गया। इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात को आठ प्रतिशत और चीन को लगभग चार प्रतिशत निर्यात किया गया।
आंकड़ों से पता चलता है कि भारत के तैयार कपड़ों के लिए भी अमरीका प्रमुख निर्यात गंतव्य है। अमरीका के बाद ब्रिटेन को लगभग नौ प्रतिशत, यू ए ई को लगभग आठ प्रतिशत, जर्मनी को लगभग साढे पांच प्रतिशत, और स्पेन को करीब पांच प्रतिशत से अधिक निर्यात किया गया।
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