जी-7 नेताओं ने वैश्विक स्थिरता, सुरक्षा सहयोग और अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराधों से निपटने के प्रयासों पर केंद्रित कई घोषणाओं को अपनाया है। अपने बयान में नेताओं ने अमरीका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत किया और इसे क्षेत्रीय तनाव कम करने तथा ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकने का एक महत्वपूर्ण अवसर बताया। जी7 नेताओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित नौवहन गतिविधियों के महत्व का भी उल्लेख किया।
एक अन्य घोषणा में जी-7 नेताओं ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज़ करने का संकल्प लिया और इसे राष्ट्रीय सुरक्षा, सार्वजनिक स्वास्थ्य और आर्थिक स्थिरता के लिए बढ़ता खतरा बताया। सहयोगी देशों ब्राज़ील और दक्षिण कोरिया ने भी इस पहल का समर्थन किया है। नेताओं ने ज्ञान कौशल को बढ़ाने और तस्करी को रोकने के लिए जी-7 प्लस पोर्ट्स नेटवर्क का प्रस्ताव भी रखा।
जी-7 देशों के नेताओं ने विकासशील देशों पर बढ़ते कर्ज़ के बोझ से निपटने की कोशिशें तेज़ करने का संकल्प लिया है। इसमें वे कमज़ोर मध्यम-आय वाले देश भी शामिल हैं जो अभी कोरोना महामारी के दौरान जी-20 के कर्ज़ राहत ढांचे के लिए योग्य नहीं हैं।
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